नीरज चोपड़ा बने भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल, रक्षा मंत्री ने दी उपाधि
ओलिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा को भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल (मानद) की उपाधि दी गई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और थल सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने दिल्ली में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। नीरज को यह उपाधि खेल में असाधारण योगदान और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण के लिए मिली।
➤ओलिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा बने लेफ्टिनेंट कर्नल (मानद)
➤रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और थल सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने दी उपाधि
➤पानीपत के बेटे को खेल और देशसेवा के लिए मिला बड़ा सम्मान
भारत के गौरव और ओलिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा अब भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल (मानद) बन गए हैं। दिल्ली में आयोजित एक गरिमामय अलंकरण समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। इस खास मौके पर नीरज की मां सरोज देवी, पिता सतीश चोपड़ा, चाचा भीम चोपड़ा और पत्नी हिमानी मोर भी मौजूद रहीं। समारोह के दौरान पूरा माहौल गौरव और देशभक्ति से भरा था।
हरियाणा के पानीपत जिले के खांदरा गांव के निवासी नीरज ने 26 अगस्त 2016 को सेना में नायब सूबेदार के पद पर भर्ती होकर अपने सैन्य करियर की शुरुआत की थी। उनकी प्रतिभा और अनुशासन ने उन्हें आगे बढ़ाया, और 2021 में उन्हें सूबेदार बनाया गया। टोक्यो ओलिंपिक में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीतने के बाद सेना ने उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया। 2022 में वे सूबेदार मेजर पद पर पदोन्नत हुए।
सेना ने 14 मई को नीरज को टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद उपाधि देने का निर्णय लिया था। यह उपाधि उन्हें खेल जगत में असाधारण योगदान और राष्ट्र के प्रति अटल समर्पण के लिए दी गई। सरकारी राजपत्र के मुताबिक, यह नियुक्ति 16 अप्रैल से प्रभावी मानी गई।
नीरज ने अपने करियर में कई ऐसे मुकाम हासिल किए हैं, जो भारतीय खेल इतिहास में दर्ज हो चुके हैं। वे लगातार दो ओलिंपिक में मेडल जीतने वाले भारत के पहले एथलीट हैं। टोक्यो ओलिंपिक 2021 में उन्होंने गोल्ड और पेरिस ओलिंपिक 2024 में सिल्वर मेडल जीता। इसके अलावा, वे वर्ल्ड चैंपियनशिप, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में भी भारत के लिए गोल्ड मेडल जीत चुके हैं।
2021 में उन्हें खेल रत्न पुरस्कार, 2018 में अर्जुन पुरस्कार, और 2022 में पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया। वे आज भी भारत के नंबर-1 जेवलिन थ्रोअर हैं और दुनिया में नंबर-2 रैंक पर हैं।
नीरज का खेल प्रदर्शन भी लगातार ऊंचाइयां छू रहा है। 16 मई को दोहा डायमंड लीग में उन्होंने 90.23 मीटर का थ्रो कर अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। यह भारतीय एथलेटिक्स इतिहास में एक स्वर्णिम क्षण था, जिसने दिखाया कि नीरज केवल एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि एक प्रेरणा बन चुके हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “नीरज चोपड़ा केवल मैदान के नायक नहीं, बल्कि राष्ट्र की प्रतिष्ठा का प्रतीक हैं। उनका अनुशासन और समर्पण भारतीय सेना की भावना के अनुरूप है।” थल सेना प्रमुख ने भी कहा कि यह सम्मान “देश के युवाओं के लिए प्रेरणा और गर्व का क्षण” है।
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