ऑपरेशन सिंदूर शहीद लांस नायक दिनेश शर्मा की शोकसभा के नाम पर सरपंच ने परिवार से वसूले 52 हजार रुपए
पलवल के शहीद लांस नायक दिनेश शर्मा की श्रद्धांजलि सभा और घोषणाओं पर विवाद खड़ा हो गया है। परिवार ने सरपंच पर 52 हजार रुपए लेने का आरोप लगाया, वहीं गांव ने नाम बदलने और पार्क बनाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
➤ पलवल के शहीद लांस नायक दिनेश शर्मा की श्रद्धांजलि सभा और घोषणाओं को लेकर विवाद
➤ पिता का आरोप, सरपंच के पिता ने श्रद्धांजलि सभा के खर्चे में 52 हजार रुपए लिए
➤ गांव का नाम दिनेशपुर करने और पार्क बनाने की घोषणा अटकी, पंचायत ने प्रस्ताव खारिज किया
जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में पाकिस्तान की गोलीबारी का सामना करते हुए शहीद हुए पलवल के गांव मोहम्मदपुर निवासी लांस नायक दिनेश शर्मा की शहादत के बाद श्रद्धांजलि और घोषणाओं को लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है।
शहीद के पिता दयाचंद ने आरोप लगाया है कि श्रद्धांजलि सभा के नाम पर गांव के सरपंच कुमार युगपुरुष के पिता भूपराम पाठक ने उनसे 52 हजार रुपए वसूल लिए। उन्होंने बताया कि अलग-अलग समय पर 22 हजार, 10 हजार, 5 हजार और 15 हजार रुपए नकद दिए गए थे। कहा गया था कि बाद में पंचायत के बजट से यह खर्चा समायोजित हो जाएगा।
वहीं, भूपराम पाठक ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया है। उनका कहना है कि श्रद्धांजलि सभा का सारा खर्च उन्होंने अपनी जेब से किया है और परिवार से कोई पैसा नहीं लिया। अगर परिवार के पास पैसे देने का सबूत है तो उसे सार्वजनिक करें।
इस मामले से जुड़ा विवाद केवल खर्च तक सीमित नहीं है। 15 मई को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शहीद को श्रद्धांजलि देने के दौरान दो घोषणाएं की थीं—गांव मोहम्मदपुर का नाम बदलकर दिनेशपुर करना और शहीद के नाम पर पार्क बनाना। लेकिन अब दोनों घोषणाएं अटक गई हैं।
गांव की ग्राम सभा ने नाम बदलने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। लगभग 152 ग्रामीणों ने इसमें हिस्सा लिया और बहुमत से नाम बदलने पर सहमति नहीं दी। BDPO ने इसकी रिपोर्ट डिप्टी कमिश्नर को भेज दी।
इसी तरह पार्क बनाने को लेकर भी अड़चन सामने आई। सरपंच ने बताया कि जिस जमीन पर पार्क बनाने की घोषणा की गई थी, वह जोहड़ की भूमि है और पंचायत वहां पार्क का निर्माण नहीं कर सकती। यही कारण है कि DC ने प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी।
पलवल के DC हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि प्रशासन शहीद के परिवार को हरसंभव सहयोग कर रहा है। अब तक परिवार को साढ़े तीन करोड़ रुपए की सहायता दी जा चुकी है। लोढ़ा फाउंडेशन की ओर से 5 लाख रुपए भी मिले हैं और बच्चों की शिक्षा का जिम्मा फाउंडेशन ने लिया है। एक अन्य फाउंडेशन की ओर से 60 लाख रुपए की सहायता भी जल्द उपलब्ध कराई जाएगी। शहीद की पत्नी सीमा को नौकरी देने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
DC ने यह भी स्पष्ट किया कि गांव का नाम बदलना लंबी प्रक्रिया है और इसके लिए दोबारा ग्राम सभा आयोजित की जाएगी। प्रशासन की ओर से जल्द ही इस पर निर्णय आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।
दिनेश शर्मा की शहादत ने न केवल गांव बल्कि पूरे जिले को गौरवान्वित किया था। वे 2014 में सेना में भर्ती हुए थे और शहीद होने से कुछ समय पहले ही लांस नायक पद पर प्रमोशन मिला था। परिवार के दो छोटे भाई भी सेना में अग्निवीर हैं। उनकी पत्नी सीमा वकालत करती हैं और उनका एक बेटा-बेटी है।