72 करोड़ के HSVP घोटाले में दो आरोपी जेल में ही रहेंगे, जमानत खारिज

पंचकूला HSVP घोटाले में दो आरोपियों की जमानत याचिका खारिज। कोर्ट ने कहा- यह गंभीर आर्थिक अपराध है। 72 करोड़ की फर्जी खाते से हेराफेरी का मामला।

72 करोड़ के HSVP घोटाले में दो आरोपी जेल में ही रहेंगे, जमानत खारिज


➤ पंचकूला में HSVP घोटाले के दो आरोपियों की बेल याचिका खारिज
➤ कोर्ट ने कहा- आर्थिक अपराध में गंभीर भूमिका, जमानत का मामला नहीं
➤ फर्जी बैंक खाते से 72 करोड़ की हेराफेरी, ईडी पहले ही कर चुकी गिरफ्तारी


पंचकूला। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के 72 करोड़ रुपये के घोटाले में दो आरोपियों को अदालत से राहत नहीं मिली। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नीरू कंबोज की अदालत ने मुख्य आरोपी सुनील कुमार बंसल और सह-आरोपी नवीन कुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी।

अदालत ने आदेश में कहा कि यह मामला करोड़ों के सार्वजनिक धन से जुड़ा गंभीर आर्थिक अपराध है, जिसमें आरोपियों की भूमिका स्पष्ट रूप से सामने आई है। ऐसे में जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता।

प्रॉसिक्यूशन ने तर्क दिया कि नवीन को धोखाधड़ी से लाभ हुआ और फर्जी खाते से उसके रिश्तेदारों के खातों में ₹38 लाख ट्रांसफर किए गए। जबकि बचाव पक्ष ने झूठा फंसाए जाने का दावा किया, लेकिन अदालत ने इन दलीलों को अस्वीकार कर दिया।

यह मामला 7 मार्च 2023 को पंचकूला के सेक्टर-7 थाने में दर्ज हुआ था। जांच में खुलासा हुआ कि 2015 में पंजाब नेशनल बैंक, मनीमाजरा में "लेखा अधिकारी, हुडा (मुख्यालय)" के नाम पर फर्जी बैंक खाता खोला गया था। यह खाता 2019 में आरोपी बंसल की रिटायरमेंट से ठीक पहले बंद कर दिया गया।

जांच में पता चला कि बंसल ने बैंक कर्मियों और अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर ₹72 करोड़ का गबन किया। ईडी ने 9 जून 2025 को उसे धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया था। इसके बाद जुलाई 2025 में कई अन्य आरोपी भी पकड़े गए थे।

इस घोटाले को “व्हाइट कॉलर करप्शन केस” माना जा रहा है, जिसमें लंबे समय तक सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। एसआईटी जांच में सामने आया कि बंसल के कार्यकाल (2005–2019) में HSVP खातों से अलग-अलग 85 खातों में करोड़ों के लेनदेन हुए, जिनका कोई वैध रिकॉर्ड नहीं था।