पानीपत में फार्मेसी के नाम पर 2 करोड़ की ठगी, अस्पताल निदेशकों पर धोखाधड़ी और धमकी का केस
पानीपत में अस्पताल में फार्मेसी चलवाने के नाम पर 2 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। DSP जांच के बाद डॉक्टर दंपती पर केस दर्ज किया गया।
➤ अस्पताल में फार्मेसी चलवाने के नाम पर 2 करोड़ की ठगी
➤ DSP जांच में धोखाधड़ी और धमकी के आरोप सही पाए गए
➤ कोर्ट परिसर में जान से मारने की धमकी देने का आरोप
हरियाणा के पानीपत शहर में एक सनसनीखेज आर्थिक अपराध का मामला सामने आया है, जहां सेक्टर-6 निवासी एक युवक के साथ अस्पताल में फार्मेसी चलवाने के नाम पर करीब 2 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी किए जाने का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि ‘फैमिली हेल्थ केयर’ अस्पताल के निदेशकों ने न सिर्फ भारी निवेश के बाद उसे फार्मेसी से बाहर कर दिया, बल्कि पैसे मांगने पर कोर्ट परिसर में जान से मारने की धमकी भी दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए DSP समालखा द्वारा कराई गई जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और आपराधिक धमकी जैसी गंभीर धाराओं में थाना सेक्टर 13/17, पानीपत में केस दर्ज कर लिया है।
शिकायतकर्ता ऋषभ दांगी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 1 मार्च 2020 को उन्होंने गाजियाबाद स्थित अस्पताल में फार्मेसी संचालन के लिए डॉक्टर सुरेश कुमार और उनकी पत्नी अनुपमा नैन (निदेशक, फैमिली हेल्थ केयर) के साथ MOU किया था। इस समझौते के तहत ऋषभ ने फार्मेसी के स्टाफ, दवाइयों के स्टॉक और अन्य व्यवस्थाओं पर करीब 65 से 70 लाख रुपए का निवेश किया।
ऋषभ के अनुसार, वर्ष 2022 में डॉक्टरों ने अचानक उन्हें सूचित किया कि अस्पताल को यशोदा ग्रुप को लीज पर दे दिया गया है और फार्मेसी को तुरंत खाली करना होगा। मजबूरी में 31 अक्टूबर 2022 को जब हिसाब-किताब किया गया तो डॉक्टरों की ओर से 1 करोड़ 95 लाख 77 हजार 982 रुपए की देनदारी निकलकर सामने आई।
इस राशि के भुगतान के लिए आरोपियों ने 65-65 लाख रुपए के तीन चेक दिए, लेकिन खाते में पर्याप्त बैलेंस न होने के कारण तीनों चेक बाउंस हो गए। इसके बाद भी जब शिकायतकर्ता ने अपने पैसे मांगे तो आरोप है कि उसे लगातार टालमटोल और दबाव का सामना करना पड़ा।
ऋषभ ने आरोप लगाया कि 19 दिसंबर 2025 को जब वह अदालत में केस की सुनवाई के लिए पहुंचे, तो आरोपी डॉक्टर सुरेश ने उन्हें खुलेआम धमकी दी। शिकायत के अनुसार डॉक्टर ने कहा कि “तेरा इंतजाम गाजियाबाद में कर दिया है, तुझे झूठे केस में फंसा दूंगा, नहीं तो जान से मरवा दूंगा।” इस धमकी के बाद युवक मानसिक रूप से भी परेशान हो गया।
मामले की जांच DSP समालखा ने की, जिसमें सामने आया कि आरोपियों ने पूर्व नियोजित साजिश के तहत फार्मेसी समय से पहले खाली करवाई और शिकायतकर्ता के पैसे हड़प लिए। जांच रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया कि शिकायतकर्ता के साथ आर्थिक धोखाधड़ी के साथ-साथ आपराधिक धमकी का अपराध भी बनता है।
DSP की रिपोर्ट के आधार पर थाना सेक्टर 13/17, पानीपत में आरोपियों के खिलाफ धारा 406 (अमानत में खयानत), 420 (धोखाधड़ी) और 506 (जान से मारने की धमकी) के तहत FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब मामले की गहन जांच में जुट गई है।
Akhil Mahajan