शिक्षक की पत्‍नी ने नेवी आफ‍िसर को हनी ट्रेप में फंसाया, एक करोड़ मांगा

पटना में शिक्षक दंपति द्वारा छात्र के ट्रांसफर का झांसा देकर 17.50 लाख ठगने, पैसे मांगने पर हनीट्रैप में फंसाने और 1 करोड़ की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है।

शिक्षक की पत्‍नी ने नेवी आफ‍िसर को हनी ट्रेप में फंसाया, एक करोड़ मांगा
  • शिक्षक दंपति पर ट्रांसफर के नाम पर 17.50 लाख ठगने का आरोप

  • पैसे मांगने पर महिला ने दिया हनीट्रैप में फंसाने का धमकी भरा वार्निंग

  • पीड़ित से 1 करोड़ की रंगदारी की मांग, पुलिस ने दर्ज किया केस



पटना में शिक्षा की आड़ में चल रहे एक हाई-प्रोफाइल हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। जक्कनपुर इलाके में एक शिक्षक और उनकी पत्नी पर छात्र के ट्रांसफर का झांसा देकर लाखों रुपये ठगने, और जब पैसे वापस मांगे गए तो हनीट्रैप में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने का सनसनीखेज आरोप लगा है।

पुलिस ने इस मामले में शिक्षक अंकित सिंह, उनकी पत्नी सिंद्धि कपूर और उनके साथी राजेश कुमार (काल्पनिक पहचान) के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामला सामने आते ही शिक्षा जगत में भारी हड़कंप मच गया है।

पीड़ित केसरी भटलर ने पुलिस में दी तहरीर में बताया कि उनका बेटा कंकड़बाग स्थित रतनलोक स्कूल में 12वीं में पढ़ता है और आरोपी शिक्षक अंकित सिंह उसे ट्यूशन देते थे। इसी दौरान अंकित ने परिवार को भरोसा दिलाया कि वह IRS-ET के ‘मिनियट्टी ट्रेड’ वाले छात्र का ट्रांसफर “मैनेज” करा सकते हैं।

अंकित ने इसके बदले 22 लाख रुपए की मोटी रकम बताई। भरोसा कर पीड़ित परिवार ने 17 लाख 50 हजार रुपए शिक्षक दंपति और उनके साथी को दे दिए। मगर ट्रांसफर का कोई काम नहीं हुआ, न कोई दस्तावेज सामने आया। जब पीड़ित ने पैसे लौटाने की मांग की तो खेल की असली शुरुआत हुई।

आरोप है कि शिक्षक की पत्नी सिंद्धि कपूर ने पीड़ित परिवार को साफ कहा— “पैसे मांगे तो तुम्हें हनीट्रैप केस में फंसा दूंगी, जिंदगी बर्बाद हो जाएगी।”

ब्लैकमेलिंग यहीं नहीं रुकी। दंपति ने पीड़ित अरुणा कुमार भटलर से सीधा 1 करोड़ रुपए की मांग कर दी और धमकी दी कि अगर रकम नहीं दी गई तो हनीट्रैप का झूठा केस सार्वजनिक कर उनकी सामाजिक छवि को खत्म कर देंगे।

हद तब हुई जब पीड़ित ने कानूनी कार्रवाई का चेतावनी दिया, तो सिंद्धि कपूर ने उलटे दिल्ली के स्कूल थाने में पीड़ित के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने की कोशिश की, ताकि उन पर उल्टा मामला डालकर दबाव बनाया जा सके।

अब जक्कनपुर पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस जांच का फोकस यह है कि क्या यह एक बड़ा संगठित रैकेट है, जिसमें शिक्षा के नाम पर बच्चों के भविष्य और अभिभावकों की मजबूरी का फायदा उठाकर ब्लैकमेल और हनीट्रैप का खेल खेला जा रहा था।