सोनीपत के आसपास बरसे बादल, खेतों और मंडियों में धान को नुकसान
दिल्ली-एनसीआर में बारिश से किसानों की मुश्किलें बढ़ीं। सोनीपत मंडी में खुले आसमान के नीचे रखा धान भीग गया। किसानों ने खरीद एजेंसियों की मनमानी और सरकारी लापरवाही पर नाराजगी जताई।
➤ दिल्ली-एनसीआर में अचानक बदला मौसम सोनीपत समेत कई इलाकों में बरसी बारिश
➤ धान की फसल भीगी मंडी और खेतों में बर्बादी का मंजर
➤ किसान परेशान सरकार और खरीद एजेंसियों पर मनमानी का आरोप
दिल्ली-एनसीआर में सोमवार को मौसम ने अचानक करवट ली और हरियाणा के सोनीपत व आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश हुई। यह बारिश जहां आम लोगों के लिए राहत बनकर आई, वहीं किसानों के लिए आसमान से आफत साबित हुई।
बारिश के चलते खेतों और मंडियों में रखा किसानों का पीला सोना यानी धान भीग गया। मंडियों में खुले आसमान के नीचे धान की बोरियां रखी हुई थीं, लेकिन न तो शेड की व्यवस्था है और न ही त्रिपाल का इंतजाम। नतीजा यह हुआ कि बारिश के कारण किसानों की मेहनत बरबाद हो गई।
किसानों का कहना है कि उन्हें पहले ही बारिश से खराब हुई फसल का नुकसान झेलना पड़ा, अब मंडी में भी रखा बेचा न गया धान भीगकर खराब हो रहा है। कुछ किसानों का आरोप है कि मंडी में खरीद एजेंसियां मनमानी कर रही हैं, कई जगहों पर बिक चुकी फसल को वापस कर दिया गया।
किसानों का कहना है कि सरकार को चाहिए कि मंडी में पहुंचते ही फसल की खरीद सुनिश्चित की जाए, ताकि किसान ऐसे हालात से बच सकें। लगातार बढ़ती मुश्किलों ने किसानों को दोहरी मार दी है।
Akhil Mahajan