2 किलो से ज्यादा विस्फोटक इस्तेमाल, डॉक्टर उमर निकला बम बनाने का एक्सपर्ट
लाल किला ब्लास्ट जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। फॉरेंसिक टीम के अनुसार धमाके में 2 किलो से ज्यादा अमोनियम नाइट्रेट, पेट्रोलियम ऑइल और डेटोनेटिंग मटेरियल का इस्तेमाल किया गया था।
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लाल किला ब्लास्ट में 2 किलो से ज्यादा अमोनियम नाइट्रेट के इस्तेमाल का बड़ा खुलासा
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आतंकी डॉ. उमर मोहम्मद बम बनाने में था एक्सपर्ट, I20 कार के मिले 60% एक्सहिबिट से पुष्टि
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फॉरेंसिक जांच में सामने आया— पेट्रोलियम ऑइल + डेटोनेटिंग मटेरियल का इस्तेमाल
दिल्ली के लाल किला ब्लास्ट मामले की जांच में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ा खुलासा किया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि धमाके में 2 किलो से भी अधिक अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया था। फॉरेंसिक टीम को मौके पर मिले 52 से अधिक विस्फोटक से जुड़े सैंपल्स इस बात की पुष्टि करते हैं कि विस्फोट बेहद शक्तिशाली और योजनाबद्ध था।
जांच एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक ब्लास्ट को अंजाम देने वाला आतंकी डॉ. उमर मोहम्मद विस्फोटक बनाने में माहिर था। ब्लास्ट में इस्तेमाल हुई I20 कार के 60 प्रतिशत एक्सहिबिट्स मिलने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि उमर ने अमोनियम नाइट्रेट में पेट्रोलियम ऑइल और डेटोनेटिंग मटेरियल मिलाकर देसी लेकिन बेहद शक्तिशाली बम तैयार किया था।
फॉरेंसिक टीम को मौके से पतले तार भी बरामद हुए हैं, जिनके जरिए बम को जोड़कर डेटोनेशन तैयार किया गया। इस्तेमाल हुआ डेटोनेटिंग मटेरियल वही होता है, जो आम तौर पर माइनिंग ऑपरेशंस में प्रयोग किया जाता है। इससे धमाका काफी अधिक तीव्र और प्रभावी हो जाता है।
सूत्र बताते हैं कि मिले सबूतों से यह संभावना मजबूत हो रही है कि उमर ने बम को 5–10 मिनट के भीतर तैयार कर डेटोनेट किया होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार का विस्फोटक बेहद कम समय में एक्टिव किया जा सकता है।
अब जांच इस एंगल से भी आगे बढ़ाई जा रही है कि क्या लाल किले की पार्किंग में मौजूद रहने के 3 घंटे के दौरान उमर ने पूरे ऑपरेशन को अकेले ही अंजाम दिया। सुरक्षा एजेंसियाँ CCTV, मोबाइल लोकेशन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक प्रमाणों की गहन जांच कर रही हैं।
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