रिठोरा में निफ्टेम कुंडली का स्वास्थ्य शिविर, 200 ग्रामीण लाभान्वित

रिठोरा गाँव में निफ्टेम कुंडली के छात्रों द्वारा आयोजित स्वास्थ्य शिविर में 150–200 ग्रामीणों ने स्वास्थ्य जांच कराई। विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद रहे और सभी को मुफ्त दवाइयाँ दी गईं।

रिठोरा में निफ्टेम कुंडली का स्वास्थ्य शिविर, 200 ग्रामीण लाभान्वित
  • रिठोरा में निफ्टेम कुंडली के छात्रों ने भव्य स्वास्थ्य शिविर लगाया, 150–200 ग्रामीण पहुँचे

  • 6–7 विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद, BMI, स्वास्थ्य जांच और व्यक्तिगत डाइट प्लान तैयार किए गए

  • सभी ग्रामीणों को मुफ्त दवाइयाँ, व्यवस्था और जागरूकता अभियान की सभी ने सराहना की



मथुरा जनपद के रिठोरा गाँव में 22 नवंबर को आयोजित स्वास्थ्य शिविर ऐतिहासिक साबित हुआ। निफ्टेम कुंडली के छात्र–छात्राओं द्वारा लगाए गए इस शिविर में सुबह से ही ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लगभग 150 से 200 ग्रामीण, जिनमें बच्चे, युवतियाँ, महिलाएँ और बुजुर्ग शामिल थे, उत्साहपूर्वक अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराने पहुंचे।

यह पूरा आयोजन प्रोफेसर मुरलीधर मेघवाल के मार्गदर्शन में संचालित किया गया। छात्रों ने ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि किस तरह सही आदतों से बीमारियों से बचा जा सकता है और शरीर को किस प्रकार मजबूत रखा जा सकता है। बच्चों का BMI और वजन जांचकर उनके अनुरूप व्यक्तिगत भोजन योजना भी तैयार की गई।

विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने शिविर को और प्रभावी बनाया। ENT विशेषज्ञ, हृदय रोग विशेषज्ञ, ऑर्थो डॉक्टर के साथ कुल 6–7 डॉक्टर मौजूद रहे। ग्रामीणों की समस्याओं के अनुसार वीडियो कॉन्फ़्रेंस के जरिए डाइटिशियन ने व्यक्तिगत डाइट प्लान तैयार कर दिए और दवाइयों के साथ भोजन का सही समय भी समझाया।

डॉक्टरों ने व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि गाँव में इतनी सुव्यवस्थित स्वास्थ्य व्यवस्था कम ही देखने को मिलती है। वे आयोजन से प्रभावित होकर निफ्टेम टीम द्वारा तैयार भोजन का स्वाद लेने भी पहुंचे।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि सभी ग्रामीणों को उनकी जरूरत के अनुसार दवाइयाँ पूरी तरह मुफ्त दी गईं, ताकि कोई भी व्यक्ति आर्थिक कारणों से इलाज से वंचित न रहे। इसी दौरान ग्राम प्रधान भी शिविर में पहुंचे और ग्रामीणों का उत्साह बढ़ाया।

ग्रामीणों ने बताया कि रिठोरा में इस स्तर का स्वास्थ्य शिविर पहली बार आयोजित हुआ है। निफ्टेम कुंडली की टीम द्वारा किया गया यह योगदान गाँव के लिए अत्यंत उपयोगी और सराहनीय रहा।

22 नवंबर का यह दिन रिठोरा गाँव के लिए स्वास्थ्य जागरूकता, सेवा और सामूहिक सहयोग का स्मरणीय दिन बन गया।