पुलिस ने एक साथ चार गैंगस्‍टर एनकाउंटर में किए ढ़ेर, दहशत का अंत! जानें पूरा मामला

पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने एनकाउंटर में चार मोस्ट वांटेड अपराधियों को मार गिराया। मारे गए बदमाशों में कुख्यात गैंग सरगना रंजन पाठक भी शामिल था, जो हत्या और रंगदारी के कई मामलों में वांछित था।

पुलिस ने एक साथ चार गैंगस्‍टर एनकाउंटर में किए ढ़ेर, दहशत का अंत!  जानें पूरा मामला

➤दिल्ली के रोहिणी में बिहार पुलिस और क्राइम ब्रांच का संयुक्त ऑपरेशन
➤एनकाउंटर में बिहार के चार मोस्ट वांटेड अपराधी ढेर
➤कुख्यात गैंग सरगना रंजन पाठक सहित सभी अपराधी मारे गए


नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के रोहिणी इलाके में देर रात एक संयुक्त पुलिस ऑपरेशन में बड़ी सफलता हाथ लगी। बिहार पुलिस और दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए चार मोस्ट वांटेड अपराधियों को एनकाउंटर में मार गिराया। मारे गए अपराधियों में कुख्यात गैंग सरगना रंजन पाठक भी शामिल था, जो बिहार में हत्या, रंगदारी और लूट जैसे कई संगीन मामलों में वांछित चल रहा था।

जानकारी के अनुसार, रंजन पाठक “सिग्मा एंड कंपनी” नाम से गैंग चलाता था, जो बिहार के सीतामढ़ी और आसपास के जिलों में सक्रिय था। इस गैंग पर कई हाईप्रोफाइल हत्याओं को अंजाम देने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, अब तक इस गिरोह के नाम कम से कम पांच बड़ी हत्याओं का रिकॉर्ड दर्ज है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पिछले कई महीनों से बिहार पुलिस को रंजन पाठक की लोकेशन की जानकारी मिल रही थी। बुधवार को जब दिल्ली में उसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई, तो बिहार पुलिस ने दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर संयुक्त जाल बिछाया। देर रात रोहिणी के एक फ्लैट में छिपे अपराधियों को घेर लिया गया।

मुठभेड़ के दौरान अपराधियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान चारों बदमाश मारे गए, जबकि पुलिस के कुछ जवानों को मामूली चोटें आईं। मौके से चार हथियार, बड़ी मात्रा में कारतूस और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

रंजन पाठक पर बिहार पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। वह पिछले कुछ वर्षों से राज्य की सीमाओं से बाहर छिपकर अपराधी नेटवर्क चला रहा था। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह बिहार के ठेकेदारी, रियल एस्टेट और कारोबारी जगत में रंगदारी वसूली से जुड़ा हुआ था।

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह ऑपरेशन लंबे समय से योजना में था और दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने तकनीकी सर्विलांस और लोकेशन ट्रैकिंग के जरिये अपराधियों तक पहुंच बनाई। मुठभेड़ खत्म होने के बाद पूरे इलाके को सील कर फॉरेंसिक टीम ने जांच शुरू कर दी है।