शादी नहीं.... बैंड-बाजे के साथ निकाली सरकार की अर्थी, जानें पूरा मामला
सोनीपत में तहसील और पीडब्ल्यूडी विभाग में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर समाजसेवियों और शहरवासियों ने बैंड-बाजे के साथ सरकार की प्रतीकात्मक अर्थी निकाली और जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।
➤ सोनीपत में बैंड-बाजे के साथ सरकार की प्रतीकात्मक अर्थी निकाली गई
➤ तहसील और पीडब्ल्यूडी विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप, बिना पैसे काम न होने की शिकायत
➤ प्रदर्शनकारियों ने जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा, कड़ी कार्रवाई की मांग
सुशील मोर
सोनीपत से आज ऐसी तस्वीरें सामने आईं जिन्हें देखकर हर कोई हैरान रह गया। आमतौर पर जब शहर की गलियों में बैंड-बाजा बजता है तो लोग मान लेते हैं कि कोई शादी या खुशी का अवसर है। लेकिन इस बार बैंड की धुन के पीछे कंधों पर सरकार की प्रतीकात्मक अर्थी उठाई जा रही थी।
यह अनोखा जुलूस छोटूराम धर्मशाला से लघु सचिवालय तक निकाला गया, जिसमें शहरवासी और समाजसेवी बड़ी संख्या में शामिल हुए। उनका आरोप है कि तहसील और पीडब्ल्यूडी विभाग में भ्रष्टाचार इस कदर फैल चुका है कि बिना पैसे दिए कोई काम आगे नहीं बढ़ता।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार चाहे भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन का कितना भी दावा करे, हकीकत बिल्कुल अलग है। तहसील में हर कागज पर रुपये खर्च करने पड़ते हैं, जबकि पीडब्ल्यूडी की ज्यादातर सड़कों पर घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर भ्रष्टाचार किया जा रहा है।
जिला पार्षद संजय बड़वासनिया ने कहा कि मजबूरी में ही इस तरह का प्रदर्शन करना पड़ा। उनका कहना था कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन होगा। उन्होंने बताया कि नगर निगम और पीडब्ल्यूडी में घटिया निर्माण, सड़क घोटाले और रिश्वतखोरी ने जनता को परेशान कर दिया है।
इस जुलूस के बाद प्रदर्शनकारियों ने जिला उपायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने साफ कहा कि अगर जांच में कोई दोषी साबित होता है तो उन्हें सजा मिलनी चाहिए, लेकिन अब जनता चुप नहीं बैठेगी।
Akhil Mahajan