सोनीपत मुठभेड़: सीआरपीएफ जवान हत्याकांड के दो आरोपी गिरफ्तार

सोनीपत के खरखौदा में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़। सीआरपीएफ जवान कृष्ण हत्याकांड के आरोपी अजय और निशांत पुलिस फायरिंग में घायल होकर गिरफ्तार। दोनों पर था पांच-पांच हजार का इनाम।

सोनीपत मुठभेड़: सीआरपीएफ जवान हत्याकांड के दो आरोपी गिरफ्तार

➤ खरखौदा में पुलिस और हत्यारोपियों के बीच मुठभेड़, दोनों आरोपी गिरफ्तार
➤ सीआरपीएफ जवान कृष्ण हत्याकांड के आरोपी अजय और निशांत पुलिस फायरिंग में घायल
➤ दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये का इनाम, अस्पताल में भर्ती कर पूछताछ जारी

सुशील मोर


शुक्रवार देर शाम रोहतक मार्ग पर छिनौली मोड़ के पास पुलिस और हत्यारोपियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में सीआरपीएफ जवान कृष्ण हत्याकांड के दो मुख्य आरोपी अजय और निशांत पुलिस की जवाबी कार्रवाई में पैरों में गोली लगने से घायल हो गए। दोनों को मौके पर ही काबू कर सरकारी अस्पताल खरखौदा में भर्ती कराया गया है।

सूचना मिली थी कि दो युवक हथियारों के साथ खरखौदा-रोहतक मार्ग पर मौजूद हैं। क्राइम यूनिट गोहाना प्रभारी इंस्पेक्टर अंकित कुमार के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। जैसे ही पुलिस ने आरोपियों को घेरने की कोशिश की, उन्होंने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की और दोनों को पैरों में गोली लगने के बाद काबू कर लिया। मौके से दो पिस्तौल और दो खोल बरामद हुए हैं।

डीसीपी क्राइम नरेंद्र कादियान भी घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने कहा कि दोनों आरोपियों पर पहले से पांच-पांच हजार रुपये का इनाम घोषित था।


जुलाई में की थी सीआरपीएफ जवान की हत्या

25 जुलाई को खेड़ी दमकन निवासी और सीआरपीएफ में तैनात कृष्ण की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। कृष्ण हरिद्वार से कांवड़ लाने के बाद घर लौटे थे और देर रात टहलने निकले थे। उसी दौरान गांव के अजय और निशांत से कहासुनी हुई थी, जिसके बाद दोनों ने मिलकर कृष्ण पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। सिर और सीने में गोली लगने से कृष्ण की मौके पर ही मौत हो गई थी।

हत्या के बाद दोनों आरोपी भूमिगत हो गए थे। पुलिस लगातार दबिश दे रही थी, लेकिन वे हाथ नहीं आए। अजय का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से रहा है और उस पर हत्या व अवैध हथियारों के तीन मुकदमे दर्ज हैं। वहीं निशांत का पहले कोई रिकॉर्ड नहीं था।


अधिकारियों का बयान

इंस्पेक्टर अंकित कुमार ने कहा, “सूचना थी कि दोनों आरोपी छिनौली मोड़ पर हथियारों के साथ आएंगे। जैसे ही उन्हें घेरा, उन्होंने पुलिस पर गोलियां चला दीं। बचाव में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की और दोनों आरोपी घायल हो गए। दोनों हत्या के मामले में वांछित थे और उन पर इनाम घोषित था।”