सोनीपत जेल में गुरुदेव उपेन्द्र मुनि का प्रवचन, कैदियों में सकारात्मक ऊर्जा

सोनीपत जिला कारागार में गुरुदेव उपेन्द्र मुनि महाराज ने कैदियों को आत्मज्ञान, संयम और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश दिया। आध्यात्मिक कार्यक्रम से कैदियों में नई आशा जागी।

सोनीपत जेल में गुरुदेव उपेन्द्र मुनि का प्रवचन, कैदियों में सकारात्मक ऊर्जा

  • जिला कारागार सोनीपत में गुरुदेव उपेन्द्र मुनि महाराज का विशेष आध्यात्मिक प्रवचन

  • कैदियों को आत्मविश्वास, सकारात्मक ऊर्जा और जीवन सुधार का संदेश

  • जेल प्रशासन की सकारात्मक सुधार–सकारात्मक समाज पहल के तहत कार्यक्रम


हरियाणा के सोनीपत जिला कारागार में गुरुवार को एक विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें परम पूज्य राष्ट्रीय रत्न गुरुदेव उपेन्द्र मुनि महाराज ने कैदियों को जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक सुधार के मार्ग पर प्रेरित किया। यह कार्यक्रम जेल प्रशासन की सकारात्मक सुधार–सकारात्मक समाज पहल के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य कैदियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाना और उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तनों का मार्ग प्रशस्त करना है।

गुरुदेव उपेन्द्र मुनि महाराज ने कहा कि इंसान से गलती होना स्वाभाविक है, लेकिन गलती उसका भविष्य तय नहीं करती। भविष्य वही तय करता है कि वह अपनी भूलों से क्या सीख लेता है और आगे किस मार्ग पर चलता है। उन्होंने कैदियों को आत्मज्ञान, संयम, क्षमा, नशामुक्ति, क्रोध और हिंसा से दूर रहने का संदेश दिया।

उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता, जैन दर्शन और जीवन के व्यावहारिक प्रसंगों का उदाहरण देते हुए समझाया कि हर व्यक्ति के भीतर परिवर्तन की अपार क्षमता होती है। उन्होंने कहा कि जेल केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि आत्म-मंथन और आत्म-परिवर्तन की भूमि है। उन्होंने कैदियों को प्रेरित किया कि जेल की चारदीवारी को बाधा न मानकर इसे एक नए जीवन की तैयारी के रूप में देखें और अपने परिवार व समाज के लिए सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें।

प्रवचन के दौरान कैदियों ने शांत भाव से उपदेश सुने और कई कैदियों ने जीवन सुधार की इच्छा भी जताई। गुरुदेव ने कैदियों के साथ संवाद करते हुए उन्हें मानसिक दृढ़ता, ध्यान, प्रार्थना और सकारात्मक दिनचर्या अपनाने का मार्गदर्शन दिया।

इस अवसर पर डिप्टी जेलर दीपक हुड्डा ने कहा कि ऐसे प्रेरणादायी आध्यात्मिक कार्यक्रम कैदियों में आत्मविश्वास और नैतिक मूल्यों को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने गुरुदेव उपेन्द्र मुनि महाराज का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रवचनों से कैदियों के मन में नई ऊर्जा और आशा का संचार हुआ है।