सोनीपत में करंट लगने से युवक की मौत, घर का इकलौता चिराग, छह बहनों का था भाई
सोनीपत जिले में फैक्ट्री के बाहर ट्रक में करंट आने से ड्राइवर राजेंद्र सिंह की मौत हो गई और दो हेल्पर झुलस गए। हादसे का कारण नीचे झुके बिजली के तार बताए जा रहे हैं। परिजनों ने बिजली विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।
➤ सोनीपत में फैक्ट्री के बाहर ट्रक में करंट से ड्राइवर की मौत
➤ दो हेल्पर झुलसे, अस्पताल में भर्ती
➤ बिजली विभाग की लापरवाही पर परिजनों का आरोप
सोनीपत। जिले के औद्योगिक क्षेत्र में आज सुबह दर्दनाक हादसा हो गया, जब एक फैक्ट्री में सामान खाली करने आए ट्रक चालक राजेंद्र सिंह और उसके दो हेल्पर करंट की चपेट में आ गए। हादसे में राजेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दोनों हेल्पर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और लोगों ने बिजली विभाग की लापरवाही पर गुस्सा जताया।
जानकारी के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब ट्रांसपोर्टर बलबीर सिंह के ट्रक चालक राजेंद्र सिंह (आगरा के ऊंचा गांव निवासी) हैदराबाद से सोनीपत फैक्ट्री में सामान उतारकर बाहर ट्रक खड़ा कर रहा था। ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार नीचे झुके हुए थे, जो ट्रक के संपर्क में आ गए। जैसे ही ट्रक तार से टच हुआ, पूरे वाहन में तेज करंट दौड़ गया। उसी वक्त राजेंद्र ट्रक में मौजूद था और देखते ही देखते मौके पर ही उसकी मौत हो गई। वहीं दो हेल्पर भूपेश कुमार और योगेश कुमार बुरी तरह झुलस गए।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत बिजली विभाग को सूचना दी और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने राजेंद्र को मृत घोषित कर दिया, जबकि दोनों हेल्परों की हालत गंभीर बताई जा रही है। परिजनों के मुताबिक, बिजली विभाग की लापरवाही इस हादसे की असली वजह है, क्योंकि लंबे समय से उस क्षेत्र में बिजली के तार नीचे लटके हुए थे, लेकिन विभाग ने ध्यान नहीं दिया।
मृतक राजेंद्र सिंह की उम्र 26 वर्ष थी और वह अपने परिवार का इकलौता बेटा था। छह बहनों के बीच अकेले भाई की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजन पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर विलाप करते रहे और अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई। उनका कहना है कि अगर समय रहते तारों की मरम्मत की जाती, तो यह हादसा टल सकता था।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। जांच अधिकारी ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और बिजली विभाग की भूमिका की भी पड़ताल होगी। मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।
यह हादसा एक बार फिर सवाल खड़ा करता है कि आखिर औद्योगिक इलाकों में सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं हो रहा है। निचले बिजली तारों के चलते हर साल कई हादसे हो रहे हैं, लेकिन विभागीय उदासीनता अब जानलेवा साबित हो रही है।
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