पहले कांग्रेस के रहे वफादार -अब बोल रहे हमसे करवाई गई बूथ कैप्चरिंग, हरियाणा के इस नेता का बड़ा खुलासा
BJP नेता त्रिलोचन सिंह ने दावा किया कि 1982 में कांग्रेस हाईकमान ने उनसे बूथ कैप्चरिंग करवाई थी। उन्होंने कई नेताओं के नाम शामिल बताते हुए इंदिरा गांधी का निर्देश होने की बात कही।
- कांग्रेस छोड़ BJP में आए त्रिलोचन सिंह का बड़ा आरोप
- कहा—1982 में कांग्रेस हाईकमान ने करवाई थी बूथ कैप्चरिंग
- आरोप में कई बड़े नाम: निर्मल सिंह, शमशेर गोगी, विनोद शर्मा भी शामिल बताए
करनाल के वरिष्ठ नेता त्रिलोचन सिंह, जिन्होंने हाल ही में कांग्रेस छोड़कर BJP का दामन थामा है, ने बड़ा राजनीतिक खुलासा किया है। उन्होंने दावा किया है कि कांग्रेस हाईकमान ने उनसे बूथ कैप्चरिंग करवाई थी। यह बयान हरियाणा कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे वोट चोर-गद्दी छोड़ अभियान के जवाब में सामने आया।
मीडिया से बातचीत में त्रिलोचन सिंह ने बताया कि वर्ष 1982 में वे आंध्र प्रदेश गए थे। यहां से 20-25 युवकों की टीम ली गई थी। उन्होंने कहा कि इस दौरान चौधरी निर्मल सिंह, पूर्व विधायक शमशेर गोगी, पूर्व मंत्री विनोद शर्मा और स्वर्गीय प्रसन्नी देवी भी साथ थे। उन्होंने दावा किया कि यह सब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के निर्देश पर हुआ।
त्रिलोचन ने कहा कि वहां असलहा लेकर पहुंचना था। उनके मुताबिक जब कारतूस खत्म हो गए तो पीएम हाउस से संदेश भेजा गया कि इन्हें कमिश्नर के पास भेजा जाए। इसके बाद तत्कालीन कमिश्नर तलवार से असलहा और कारतूस लेकर कार्रवाई जारी रखी गई। उन्होंने कहा कि उस समय जिसकी सरकार होती थी, उसकी ही चलती थी और पूछताछ जैसी कोई स्थिति नहीं होती थी।
उन्होंने यह भी बताया कि अंबाला में भी उन्हें और सुरेंद्र नरवाल को ड्यूटी पर लगाया गया था। यहां असलहा नहीं था, इसलिए लकड़ी से बनाए हुए साधनों के सहारे उन्होंने पूरे दिन पहरा दिया। उन्होंने कहा कि उस दौर में बूथ कैप्चरिंग आम बात थी और फिल्मी सीन जैसा ही माहौल था।
त्रिलोचन सिंह के अनुसार, यदि उनका दावा गलत है तो गोगी, पूर्व विधायक राकेश कंबोज और सुरेंद्र नरवाल भी इसकी पुष्टि कर सकते हैं, क्योंकि वे कभी झूठ नहीं बोलते।
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