15 साल बाद इंसाफ! सीरियल किलर मोनू रे*प और मर्डर केस में दोषी करार, इस बेरहमी से करता था कत्‍ल

चंडीगढ़ के 15 साल पुराने एमबीए छात्रा रेप और मर्डर केस में कोर्ट ने सीरियल किलर मोनू कुमार को दोषी करार दिया। 12 साल तक अनसुलझे रहे इस केस का खुलासा 2022 में हुई एक अन्य महिला की हत्या के डीएनए सैंपल से हुआ। मोनू ने हिमाचल प्रदेश सहित कुल तीन हत्याएं कबूली हैं।

15 साल बाद इंसाफ! सीरियल किलर मोनू रे*प और मर्डर केस में दोषी करार, इस बेरहमी से करता था कत्‍ल

➤ 15 साल पुराने एमबीए छात्रा रेप-मर्डर केस में सीरियल किलर मोनू दोषी करार

➤ 12 साल तक अनसुलझा रहा केस, 2022 के एक अन्य मर्डर से मिला पहला सुराग

➤ डीएनए टेस्ट और एसएसपी कंवरप्रीत कौर की मेहनत से पकड़ा गया टैक्सी ड्राइवर


चंडीगढ़। लगभग 15 साल पहले चंडीगढ़ में एमबीए छात्रा से दुष्कर्म के बाद हुए सनसनीखेज हत्याकांड के मामले में कोर्ट ने आखिरकार सीरियल किलर मोनू को दोषी करार दे दिया है। कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने के समय छात्रा के माता-पिता भी अदालत में मौजूद थे, जिन्होंने फैसले पर संतोष जाहिर करते हुए कल सुनाई जाने वाली सजा का इंतजार करने की बात कही है।

यह जघन्य मामला साल 2010 का है, जब छात्रा के कत्ल के बाद आरोपी का पता लगाने में पुलिस को 12 साल का लंबा वक्त लग गया। पुलिस ने इस केस को अनट्रेस मानते हुए इसकी रिपोर्ट दाखिल कर दी थी और परिवार ने भी न्याय की आस लगभग छोड़ दी थी। लेकिन, साल 2022 में चंडीगढ़ में हुई एक अन्य महिला की हत्या की जांच ने इस पुराने मामले में पहला सुराग प्रदान किया।

पुलिस की अथक कोशिशों में 100 से ज्यादा डीएनए टेस्ट कराए गए और 800 लोगों से गहन पूछताछ हुई, जिसके बाद मोनू कुमार निवासी डड्डूमाजरा शाहपुर कॉलोनी, चंडीगढ़ का नाम सामने आया। मगर, आरोपी मोनू को पकड़ना एक बड़ी चुनौती थी, क्योंकि वह चंडीगढ़ छोड़कर बिहार जा चुका था। सबसे बड़ी मुश्किल यह थी कि मोनू न तो मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता था, न उसके पास कोई आधार कार्ड था और न ही उसका कोई बैंक अकाउंट था। तमाम कोशिशों के बावजूद पुलिस उसे ट्रेस नहीं कर पा रही थी। आखिरकार, साल 2024 में जब वह चंडीगढ़ लौटा, तो मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उसे धर दबोचा।

पूछताछ के दौरान सीरियल किलर मोनू ने दोनों महिलाओं की हत्या की बात कबूल की। उसने यह भी खुलासा किया कि 2008 में हिमाचल प्रदेश के चंबा में उसने 6 साल की एक छोटी बच्ची के साथ रेप करने के बाद उसकी हत्या कर दी थी। हालांकि, इस मामले में वह पहले सबूतों के अभाव में बरी हो चुका था।

30 जुलाई 2010 को छात्रा कोचिंग के लिए घर से निकली थी। उसकी स्कूटी करन टैक्सी स्टैंड के पास खड़ी मिली थी, जिस पर खून के छींटे लगे थे। कातिल ने उसके सिर पर पीछे से पत्थर से वार किया था। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्यारे ने छात्रा का गला घोंटा था और उसके निजी अंगों से ज्यादती और छेड़छाड़ की थी। पुलिस ने मौके से कातिल के डीएनए सैंपल कलेक्ट किए थे, जो बाद में निर्णायक साबित हुए।

12 जनवरी 2022 को हुए दूसरे मर्डर में भी मोनू की मॉडस ऑपरेंडी वही थी। चंडीगढ़ के मलोया के जंगलों में मिली 40 साल की महिला (मनदीप) की लाश भी बगैर कपड़ों के थी। उसके निजी अंगों को बुरी तरह जख्मी किया गया था, हाथ-पांव बंधे थे और मुंह में जुराब ठूंसी हुई थी।

चंडीगढ़ की एसएसपी कंवरप्रीत कौर ने अपने कार्यकाल में अनसॉल्व्ड केसों की फाइलें मंगवाईं और पाया कि दोनों हत्याओं में कातिल की कार्यप्रणाली एकदम एक जैसी थी। इसके बाद दोनों केसों को एक साथ जोड़ा गया और डोर-टू-डोर पूछताछ शुरू की गई। 8 महीने की कोशिशों के बाद जब मोनू का डीएनए सैंपल दोनों मर्डर केसों के सैंपल से मिला, तो पुलिस को यह बड़ी कामयाबी मिली।

मोनू ने बताया कि 30 जुलाई 2010 की शाम हल्की बारिश हो रही थी और छात्रा बारिश से बचने के लिए सड़क किनारे स्कूटी रोककर खड़ी थी। उसने पीछे से आकर उसके सिर में पत्थर से वार किया। लहूलुहान हालत में वह छात्रा को खींचकर जंगल में ले गया और दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी। उसके खिलाफ 8 क्रिमिनल केसेज का पता चला है, जिनमें रेप, मर्डर, चोरी और लूटपाट के मामले शामिल हैं।