फरीदाबाद के किसानों को आयकर नोटिस से तनाव, बोले- विभाग HUDA से पूछे आय-व्यय
फरीदाबाद में किसान संघर्ष समिति ने बैठक कर आयकर विभाग के नोटिस और HUDA प्रशासक द्वारा बैठक के लिए न बुलाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। किसानों को मुआवजा राशि पर टीडीएस कटने के बावजूद नोटिस मिल रहे हैं। अब किसानों ने HUDA प्रशासक को 15 दिन का नोटिस देकर समस्या समाधान की मांग की है।
➤ आयकर विभाग के नोटिस से फरीदाबाद के किसान परेशान
➤ किसानों को डेढ़ माह बाद भी HUDA प्रशासक ने नहीं बुलाया
➤ किसानों ने HUDA प्रशासक को नोटिस देने का लिया निर्णय
फरीदाबाद में किसान संघर्ष समिति ने नाहरपार क्षेत्र में अपनी समस्याओं को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की। यह बैठक प्रधान जागीर सिंह की अध्यक्षता में सेक्टर-78, फरीदपुर के राजमहल गार्डन में संपन्न हुई। बैठक का संचालन कर रहे समिति के महासचिव सत्यपाल नरवत ने बताया कि ग्रेटर फरीदाबाद के किसानों को आयकर विभाग से नोटिस मिलने के कारण वे परेशान हैं। इस नोटिस में आयकर विभाग ने किसानों से उनकी आय और व्यय के बारे में जानकारी माँगी है। नरवत ने कहा कि आयकर विभाग को किसानों से आय-व्यय के बारे में पूछने के बजाय हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) विभाग से यह जानकारी लेनी चाहिए।
किसानों की समस्या को लेकर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, फरीदाबाद की प्रशासक अनुपमा अंजलि को पहले भी ज्ञापन दिया जा चुका है। उस समय प्रशासक ने किसानों को 15 दिन बाद बुलाकर बैठक करने का आश्वासन दिया था। हालाँकि, डेढ़ माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी किसानों को बैठक के लिए नहीं बुलाया गया है।
इस अनदेखी से नाराज़ किसानों ने बैठक में निर्णय लिया है कि वे एचएसवीपी प्रशासक को एक-दो दिन में नोटिस देंगे और 15 दिन का समय देंगे। यदि इस अवधि में किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होता है तो समिति द्वारा कार्रवाई की जाएगी। इस बैठक में परमानंद कौशिक, ब्रह्मानंद, धर्मपाल वकील, खेड़ी कलां से जगदीश, प्रकाश, चंद्र सिंह, नीमका से उमेद सिंह, ज्ञानी सिंह सहित कई प्रमुख किसान मौजूद रहे।
किसानों की मुख्य समस्याएँ: किसानों ने बताया कि उन्हें जमीन अधिग्रहण के बदले मुआवजे की राशि मिली है, जिस पर ब्याज पर टीडीएस (TDS) कट चुका है। इसके बावजूद आयकर विभाग का रिटर्न किसानों ने नहीं भरा है, जिससे उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है। किसानों ने कमेटी को प्रतिमाह मिलने वाली रॉयल्टी, सुप्रीम कोर्ट के मुआवजे का बकाया ब्याज, सत्र न्यायालय से मुआवजे पर ब्याज, अधिग्रहण से बची हुई जमीन के लिए रास्ता और कुछ किसानों को पेमेंट करने के बाद भी प्लॉटों का कब्जा नहीं मिलने जैसी समस्याओं का समाधान न होने पर चिंता व्यक्त की।
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