सोनीपत प्रशासन का बड़ा कदम: पंजाब बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए सोनीपत से भेजी जाएगी राहत सामग्री
सोनीपत प्रशासन ने पंजाब बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए राहत सामग्री भेजने का निर्णय लिया। उपायुक्त सुशील सारवान की अध्यक्षता में हुई बैठक में अधिकारियों को जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संपन्न करने के निर्देश दिए गए।
➤ सोनीपत से पंजाब बाढ़ पीड़ितों के लिए भेजी जाएगी राहत सामग्री
➤ उपायुक्त सुशील सारवान की अध्यक्षता में विशेष बैठक, अधिकारियों को जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं
➤ खाद्य सामग्री, दवाइयाँ, कंबल और आवश्यक वस्तुएँ शामिल होंगी राहत किट में
सुशील मोर
सोनीपत, 05 सितंबर, उपायुक्त सुशील सारवान की अध्यक्षता में शुक्रवार को कैंप कार्यालय में एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें पंजाब राज्य में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए राहत सामग्री भेजने का निर्णय लिया गया। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को राहत कार्यों की जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं और तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने कहा कि पंजाब में आई बाढ़ से हजारों लोग प्रभावित हुए हैं और जिला प्रशासन का दायित्व है कि उन्हें हर संभव मदद समय पर उपलब्ध कराई जाए। इसी उद्देश्य से सोनीपत जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों के लिए राहत सामग्री भेजी जाएगी।
उन्होंने बताया कि राहत सामग्री में आटा, चावल, दाल, चीनी, नमक, सरसों का तेल, बिस्कुट, सूखा दूध, पैकेज्ड पानी, प्राथमिक उपचार की दवाइयाँ, सैनिटरी सामग्री, बच्चों के लिए दूध पाउडर तथा महिलाओं और बुजुर्गों के लिए आवश्यक सामान शामिल किया जाएगा। इसके अतिरिक्त कंबल, तिरपाल, टॉर्च और बैटरी जैसी वस्तुएँ भी भेजी जाएँगी ताकि प्रभावित लोग अस्थायी रूप से सुरक्षित रह सकें।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं और समाजसेवियों की मदद से राहत सामग्री एकत्र की जाएगी और प्रभावित परिवारों तक समय पर पहुँचाई जाएगी। उपायुक्त ने जिला की सभी सामाजिक, धार्मिक व औद्योगिक संस्थाओं से आह्वान किया कि वे इस आपदा की घड़ी में आगे आकर पंजाब के लोगों का सहारा बनें और मानवता का फर्ज निभाएँ।
उन्होंने बताया कि राहत सामग्री के संग्रहण हेतु एसडीएम खरखौदा व गोहाना और पैकिंग व परिवहन कार्य के लिए एसडीएम सोनीपत व गन्नौर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। निर्देश दिए गए हैं कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और त्वरित गति से संपन्न हो ताकि सामग्री समय पर सही स्थानों तक पहुँच सके।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि यह केवल प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं का दायित्व है, और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस अवसर पर एसडीएम गोहाना अंजलि श्रोत्रिय, एसडीएम सोनीपत सुभाष चंद्र, एसडीएम खरखौदा डॉ. निर्मल नागर, एसडीएम गन्नौर प्रवेश कादियान, सुगर मिल गोहाना की एमडी अंकिता वर्मा, डीआरओ सुशील शर्मा सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।