अभय सिंह का बड़ा हमला, बिना नाम लिए राव इंद्रजीत पर तंज
नारनौल में पूर्व मंत्री डॉ. अभय सिंह ने बिना नाम लिए केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह पर तीखा हमला बोला। अहीरवाल की राजनीति और 50 साल की सत्ता पर सवाल उठाए।
➤ नारनौल में अभय सिंह का बड़ा हमला, बिना नाम लिए राव इंद्रजीत पर निशाना
➤ अहीरवाल की राजनीति को बताया निजी जागीर
➤ 50 साल की सत्ता पर उठाए कामकाज के सवाल
नारनौल। हरियाणा के पूर्व मंत्री डॉ. अभय सिंह ने रविवार को अपनी ही पार्टी के केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह पर बिना नाम लिए तीखा हमला बोला। गांव भुंगारका में आयोजित नववर्ष मिलन समारोह में उन्होंने इशारों-इशारों में राव इंद्रजीत को “बब्बर शेर” करार देते हुए कहा कि कुछ नेताओं की आदत शिकार करने की बन चुकी है।
डॉ. अभय सिंह ने कहा कि अहीरवाल की राजनीति को कुछ लोग अपनी निजी जागीर समझ बैठे हैं। ऐसे नेता नए और सामान्य परिवारों से आने वाले लोगों को आगे बढ़ने का मौका नहीं दे रहे, क्योंकि उन्हें अपनी विरासत पर खतरा नजर आता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी कोई सामान्य व्यक्ति राजनीति में आगे बढ़ने की सोचता है, तो उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची जाती है। यह सब केवल इसलिए किया जाता है ताकि भविष्य में कोई उनके राजनीतिक वर्चस्व को चुनौती न दे सके।
डॉ. अभय सिंह ने कहा कि अहीरवाल की राजनीति में कुछ लोग खुद को “बब्बर शेर” समझते हैं। उन्हें अपने-पराए का फर्क नहीं दिखता और वे हर उस व्यक्ति को शिकार बना लेते हैं, जो आगे बढ़ने की कोशिश करता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यह सिलसिला आखिर कब तक चलेगा।
पूर्व मंत्री ने केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की उपलब्धियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर यह जरूर गिनाया जाता है कि कोई नेता पांच बार सांसद, तीन बार मंत्री रहा, लेकिन यह भी बताना चाहिए कि 50 साल सत्ता में रहने के बाद इलाके के लिए ठोस काम क्या किए गए।
उन्होंने कहा कि जब इन सवालों पर चर्चा शुरू होती है, तो कुछ लोगों को असहजता महसूस होने लगती है। डॉ. अभय सिंह ने राव इंद्रजीत सिंह के मुख्यमंत्री बनने की चर्चाओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सालों से सीएम बनने का सपना देख रहे हैं। कभी विधायकों से मुख्यमंत्री के खिलाफ बयान दिलवाए जाते हैं, कभी कार्यकर्ताओं से माहौल बनवाया जाता है और कभी अलग संगठन खड़ा किया जाता है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री कोई खुद नहीं बनता, बल्कि पार्टी हाईकमान तय करता है। पार्टी की अपनी प्रक्रिया और मर्यादाएं होती हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो का जिक्र करते हुए डॉ. अभय सिंह ने कहा कि किसी ने एक “हाउस” को नेताओं की नर्सरी बताया। इस पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि नर्सरी सिर्फ पौधों की नहीं, मूर्खों की भी होती है, और यह जनता तय करेगी कि कौन-सी नर्सरी चलाई जा रही है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि वोट देना जनता का अधिकार है, न कि किसी व्यक्ति की ठेकेदारी। अगर वोटों को किसी एक व्यक्ति के नाम की जेब में बंद कर दिया जाएगा, तो लोकतंत्र कैसे बचेगा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सोचें कि क्या क्षेत्र की राजनीति को एक ही घर तक सीमित रखना सही है।
Akhil Mahajan