I संदीप लाठर सुसाइड केस की जांच के लिए SIT गठित, DSP करेंगे अगुवाई
रोहतक में ASI संदीप लाठर सुसाइड केस की जांच के लिए SIT गठित की गई है। लाठर ने सुसाइड से पहले वीडियो और नोट में IPS वाई पूरन कुमार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। परिवार की मांग पर IAS पत्नी और विधायक पर FIR दर्ज।
➤ रोहतक में ASI संदीप लाठर सुसाइड केस की जांच के लिए SIT गठित
➤ वीडियो और सुसाइड नोट में IPS वाई पूरन कुमार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
➤ परिवार की मांग पर IAS पत्नी, विधायक और गनमैन समेत चार पर केस दर्ज
हरियाणा के रोहतक में हुए ASI संदीप लाठर सुसाइड केस ने पूरे पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया है। अब इस मामले की गहराई से जांच के लिए DSP दलीप सिंह के नेतृत्व में एक चार सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है। इस टीम में सदर थाना SHO सुरेंद्र कुमार, एक SI और एक ASI को शामिल किया गया है। टीम को जल्द से जल्द सुसाइड केस से जुड़े सभी लोगों से पूछताछ करने के निर्देश दिए गए हैं।
14 अक्टूबर को दोपहर करीब एक बजे, ASI संदीप लाठर ने लाढ़ौत गांव के पास स्थित अपने मामा के खेतों में बने कोठड़े की छत पर जाकर सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली थी। घटना से पहले उन्होंने एक वीडियो रिकॉर्ड किया और चार पेज का सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें उन्होंने IPS वाई पूरन कुमार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे।
परिवार के बयान और सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने IPS पूरन कुमार की IAS पत्नी अमनीत पी. कुमार, AAP विधायक अमित रतन, गनमैन सुशील कुमार और एक अन्य पुलिसकर्मी को नामजद किया है। हालांकि, यह FIR अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई, परिजन को कॉपी दिखाए जाने के बाद ही शव का पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
मामले का दिलचस्प पहलू यह है कि ASI संदीप लाठर, IPS पूरन कुमार के गनमैन सुशील को पकड़ने वाली पुलिस टीम का हिस्सा थे। 6 अक्टूबर को रोहतक पुलिस ने शराब कारोबारी प्रवीण बंसल की शिकायत पर सुशील कुमार को अंबाला के पास से गिरफ्तार किया था। उस FIR में कहा गया था कि गनमैन मंथली के नाम पर पैसा मांग रहा था और शुरुआती पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह रकम IG पूरन कुमार के लिए इकट्ठी कर रहा था।
इसके अगले दिन, 7 अक्टूबर को IPS वाई पूरन कुमार ने चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर खुद को गोली मार ली थी। उन्होंने आठ पेज का सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें DGP शत्रुजीत कपूर, SP नरेंद्र बिजारणिया समेत 15 अधिकारियों के नाम दर्ज थे।
11 अक्टूबर को चंडीगढ़ SIT ने रोहतक आकर इस केस में जुड़े पुलिसकर्मियों से पूछताछ की। इसमें ASI संदीप लाठर से भी सवाल-जवाब हुए थे। लेकिन तीन दिन बाद, यानी 14 अक्टूबर को, लाठर ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने वीडियो में कहा कि वाई पूरन कुमार भ्रष्ट अफसर थे और उन्हें झूठे केस में फंसाया जा रहा था।
परिवार ने शुरू में पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया था और मांग की कि IAS अमनीत पी. कुमार, उनके साले और AAP विधायक अमित रतन, गनमैन सुशील कुमार तथा एक अन्य पुलिसकर्मी के खिलाफ FIR दर्ज की जाए। यह FIR 15 अक्टूबर को देर शाम दर्ज की गई।
अब DSP दलीप सिंह के पास दोनों केसों की जांच है — एक 6 अक्टूबर की FIR नंबर 319, जो गनमैन के खिलाफ थी, और दूसरी 15 अक्टूबर की FIR नंबर 305, जो संदीप लाठर सुसाइड से जुड़ी है। SIT जल्द ही इस केस में जुड़े सभी पक्षों से पूछताछ कर सकती है ताकि IPS और ASI के सुसाइड केसों के तार कैसे जुड़े, यह स्पष्ट हो सके।
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