BREAKING: मनीषा मर्डर केस: CBI टीम भिवानी पहुंची, सबूतों की जांच होगी
भिवानी की टीचर मनीषा की मौत के मामले में CBI टीम भिवानी पहुंची। पुलिस FIR, 3 पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक सैंपल और सुसाइड नोट CBI को सौंपेगी। परिवार ने हत्या का आरोप लगाया और न्याय की उम्मीद जताई।
➤ भिवानी टीचर मनीषा केस की जांच CBI ने अपने हाथ में ली
➤ पुलिस FIR, 3 पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक सैंपल और सुसाइड नोट CBI को सौंपेगी
➤ परिवार ने हत्या का आरोप लगाकर न्याय की मांग की, CM से भी मिले परिजन
हरियाणा के भिवानी की लेडी टीचर मनीषा की रहस्यमयी मौत के मामले में आखिरकार सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की टीम जांच के लिए भिवानी पहुंच गई है। 26 अगस्त को यह केस हरियाणा पुलिस से CBI को ट्रांसफर हुआ था। टीम अब तक चार दिन से मनीषा के परिवार के संपर्क में थी और लगातार आश्वस्त कर रही थी कि जांच की दिशा अब पूरी तरह से उनके हाथों में होगी।
13 अगस्त को सिंघानी गांव के खेतों में मनीषा का शव मिला था। शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया था और 18 अगस्त को एक कथित सुसाइड नोट भी पेश किया गया। हालांकि परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी।
लोहारू पुलिस अब तक की अपनी जांच रिपोर्ट CBI को सौंपेगी। इनमें कई अहम दस्तावेज और सबूत शामिल हैं। सबसे पहले 11 अगस्त को दर्ज हुई लापता की FIR, जिसे 13 अगस्त को हत्या की धारा के साथ संशोधित किया गया। इसके अलावा, मनीषा के शव का तीन बार पोस्टमार्टम हुआ – पहले भिवानी सिविल अस्पताल, फिर रोहतक पीजीआई और आखिर में दिल्ली एम्स में। तीनों रिपोर्ट केस में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। पुलिस ने 10 फोरेंसिक सैंपल भी मधुबन लैब भेजे थे, जिनकी रिपोर्ट भी CBI को दी जाएगी।
एम्स से मिले कुछ फोरेंसिक सैंपल अभी तक भिवानी पुलिस के पास प्रिजर्व हैं। इन्हें भी CBI अपने हिसाब से जांच के लिए किसी लैब में भेज सकती है। इसके अलावा शव से मिले कपड़े, मोबाइल और कथित सुसाइड नोट की कॉपी भी CBI की जांच का हिस्सा होंगे। पुलिस का दावा है कि प्रारंभिक जांच में नोट की हैंडराइटिंग मनीषा से मैच हुई थी, लेकिन परिवार इसे साजिश मान रहा है।
CBI इस केस में मनीषा के परिजनों, स्कूल स्टाफ, नर्सिंग कॉलेज स्टाफ, खाद-बीज विक्रेता, उन लोगों से जिन्होंने शव देखा था, स्थानीय पुलिस अधिकारियों और पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों तक से पूछताछ कर सकती है।
परिजनों का कहना है कि मनीषा की मौत आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है। इसी मांग को लेकर वे 2 सितंबर को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से चंडीगढ़ में मिले थे। अब CBI जांच से परिवार को न्याय की उम्मीद बंधी है।