कर्जा लेकर घी पीने की नीति पर चल रही है भाजपा सरकार: हुड्डा

कुरुक्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने भाजपा सरकार पर कर्ज, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए।

कर्जा लेकर घी पीने की नीति पर चल रही है भाजपा सरकार: हुड्डा
  • कर्जा लेकर घी पीने की नीति पर काम कर रही है भाजपा सरकार
  • हरियाणा में स्कूलों में शिक्षक और अस्पतालों में डॉक्टर नहीं
  • प्रदेश में कानून व्यवस्था चरमराई, हर व्यक्ति असुरक्षित: हुड्डा


हरियाणा के नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। कुरुक्षेत्र में पत्रकारों से बातचीत के दौरान हुड्डा ने कहा कि मौजूदा सरकार चार्वाक की नीति ‘कर्जा लेकर घी पीने’ पर चल रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में प्रदेश पर करीब 70 हजार करोड़ रुपए का कर्ज था, जो अब बढ़कर करीब 5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है और इस वर्ष फिर 30 हजार करोड़ रुपए का नया कर्ज लिया जा रहा है।

भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि भाजपा सरकार ने हरियाणा के हालात बद से बदतर कर दिए हैं। स्कूलों में शिक्षक नहीं, अस्पतालों में डॉक्टर नहीं और कॉलेजों में प्रोफेसर नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों में 50 प्रतिशत से अधिक स्वीकृत पद खाली पड़े हैं और शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।

कानून व्यवस्था को लेकर हुड्डा ने कहा कि हरियाणा आज देश का सबसे असुरक्षित प्रदेश बन गया है। उन्होंने गृह मंत्रालय के सोशल प्रोग्रेसिव इंडेक्स का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश में करीब 60 गैंग सक्रिय हैं, जो फिरौती और हत्याओं जैसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। व्यापारी, किसान और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी तेजी से बढ़ी है और पिछले कुछ वर्षों में कई उद्योग हरियाणा छोड़कर चले गए। सरकार एक भी ऐसा बड़ा प्रोजेक्ट नहीं लाई, जिससे युवाओं को रोजगार मिल सके। चुनाव से पहले बड़े पैमाने पर लोगों को बीपीएल सूची में जोड़ा गया और बाद में लाखों लोगों के नाम काट दिए गए। महिलाओं को 2100 रुपए देने के वादे से भी सरकार पीछे हटती नजर आ रही है।

इस मौके पर हरियाणा कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि पार्टी की ओर से जिलाध्यक्षों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसमें पार्टी की नीतियों, संविधान और मनरेगा जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने भी प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए और कहा कि पहले कभी ऐसे हालात नहीं बने, जैसे आज बन रहे हैं।