केंद्रीय बजट 2026: हरियाणा के लिए इंफ्रा, खेती और इंडस्ट्री में नए मौके

केंद्रीय बजट 2026 में हरियाणा को इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि, मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार के क्षेत्र में बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। 12.2 लाख करोड़ के कैपेक्स से राज्य को नई गति मिलेगी।

केंद्रीय बजट 2026: हरियाणा के लिए इंफ्रा, खेती और इंडस्ट्री में नए मौके

हरियाणा को इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि और रोजगार में बड़ा बूस्ट
12.2 लाख करोड़ के कैपेक्स से रेल, सड़क और इंडस्ट्री को रफ्तार
सेमिकंडक्टर, कृषि और हेल्थ सेक्टर में नए निवेश के रास्ते खुले


केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 ने हरियाणा के विकास के लिए नए द्वार खोल दिए हैं। 53.5 लाख करोड़ रुपये के कुल बजट आकार में सरकार ने पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 9 प्रतिशत अधिक है। यह बढ़ोतरी हरियाणा जैसे तेजी से विकसित हो रहे राज्य के लिए बेहद अहम मानी जा रही है, जहां एनसीआर की निकटता, मजबूत औद्योगिक आधार और कृषि अर्थव्यवस्था विकास को नई रफ्तार देने में सक्षम है।

सबसे अहम बात यह है कि बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, कृषि, टेक्नोलॉजी और रोजगार सृजन पर केंद्रित प्रावधान सीधे तौर पर हरियाणा को लाभ पहुंचाने वाले हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में बजट को देखा और इसे राज्य के लिए विकासोन्मुखी बताया।

राज्यों को बढ़ा हुआ कर हिस्सा, हरियाणा को मिलेगी मजबूती

बजट में राज्यों को 1.4 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर हिस्सा देने का एलान किया गया है। 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत राज्यों का हिस्सा 41 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया है। केंद्र को करों में बड़ा योगदान देने वाला हरियाणा इससे मजबूत वित्तीय स्थिति में आएगा। इस राशि से राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को गति मिलेगी।

12.2 लाख करोड़ का कैपेक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर को बूस्ट

बजट में बढ़ाया गया 12.2 लाख करोड़ रुपये का कैपेक्स देशभर में रेल, सड़क, आरआरटीएस कॉरिडोर (दिल्ली-गुरुग्राम-फरीदाबाद), ईवी चार्जिंग नेटवर्क, इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) विस्तार और अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स को मजबूती देगा।
हरियाणा में पहले से संचालित आईएमटी खरखोदा, मानेसर समेत अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में नए निवेश आने की संभावना है, जिससे लाखों रोजगार अवसर पैदा होंगे। मुख्यमंत्री की मांग के अनुरूप आरआईडीएफ और यूआईडीएफ में बढ़ोतरी से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी।

सेमिकंडक्टर और मैन्युफैक्चरिंग में नई संभावनाएं

इंडिया सेमिकंडक्टर मिशन 2.0 के लिए किए गए बड़े प्रावधान हरियाणा के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। राज्य का इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पहले से मजबूत है। यह बजट नई फैक्ट्रियों, टेक्नोलॉजी हब, स्किल डेवलपमेंट और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देगा। एमएसएमई, बायोफार्मा और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती मिलने से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर खास जोर

हरियाणा एक कृषि प्रधान राज्य है। बजट में फसल विविधीकरण, जल संरक्षण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया है। रेयर अर्थ मिनरल्स, क्रिटिकल मिनरल्स और एग्री-बायोफार्मा सेक्टर में नए प्लान से किसानों और एग्री-इंडस्ट्री को सीधा लाभ मिलेगा। राज्य की ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ जैसी योजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर समर्थन मिलने की उम्मीद है।

स्वास्थ्य, मेडिकल टूरिज्म और एआई पर फोकस

बजट में मेडिकल टूरिज्म, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्किल डेवलपमेंट, कार्बन कैप्चर और कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। बायोफार्मा और लाइफ साइंसेज के लिए 10,000 करोड़ रुपये के नए इनिशिएटिव से हरियाणा का हेल्थ सेक्टर और मजबूत होगा।

हरियाणा में स्वास्थ्य ढांचे का विस्तार

हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि प्रदेश में जरूरत के अनुसार नए अस्पताल खोले जा रहे हैं और पुराने अस्पतालों को अपग्रेड किया जा रहा है। हाल ही में 2 नए राजकीय आयुर्वेदिक औषधालय, एक कम्युनिटी हेल्थ सेंटर और एक सीएचसी को 50 बेड के अस्पताल में अपग्रेड करने की मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं पर करीब 55 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सरकार का लक्ष्य शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

कुल मिलाकर बजट 2026 हरियाणा को विकसित भारत @2047 के विजन में एक मजबूत ग्रोथ इंजन बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। डबल इंजन सरकार की साझेदारी से राज्य में इंफ्रा, रोजगार, कृषि और युवा शक्ति को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।