भिवानी मनीषा केस, फिर गांव पहुंची CBI, घर पर 2 घंटे तक की छानबीन; 42 दिन बाद भी मामला असुलझा
भिवानी में टीचर मनीषा मौत मामले की जांच CBI द्वारा लगातार जारी, 42 दिन बाद भी हत्या या आत्महत्या स्पष्ट नहीं, परिवार और घटनास्थल पर पूछताछ जारी
➤ भिवानी में टीचर मनीषा मौत मामले की जांच CBI द्वारा जारी
➤ 42 दिन की छानबीन के बाद भी हत्या या आत्महत्या स्पष्ट नहीं
➤ परिवार और घटनास्थल पर पूछताछ, दिल्ली से SFL टीम ने जुटाए साक्ष्य
भिवानी: टीचर मनीषा मौत मामले की जांच के लिए CBI की टीम मंगलवार को उनके गांव ढाणी लक्ष्मण पहुंची। टीम ने मनीषा के घर पर लगभग 2 घंटे तक रहकर पूछताछ की और अपने स्तर पर घटनास्थल की छानबीन की। मामले की जांच 3 सितंबर से चल रही है, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मनीषा की मौत हत्या है या आत्महत्या।
CBI टीम ने 3 सितंबर को भिवानी पहुंचकर छानबीन शुरू की थी और करीब 23 दिनों तक भिवानी के रेस्ट हाउस में जांच जारी रखी। इस दौरान टीम ने मनीषा के पिता, प्ले स्कूल संचालक, नर्सिंग कॉलेज संचालक, दवा विक्रेता, चश्मदीद और खेत मालिकों से पूछताछ की। टीम ने घटनास्थल पर जाकर सभी संभावित साक्ष्यों को अपने कब्जे में लिया।
इसके बाद दिल्ली से आई SFL टीम ने घटनास्थल पर जांच कर जरूरी साक्ष्य एकत्रित किए। 25 सितंबर को CBI टीम वापस दिल्ली लौट गई और लगभग 11 दिनों तक वहां जांच जारी रही। 6 अक्टूबर को टीम दोबारा भिवानी पहुंची और मनीषा के घर जाकर परिवार से विस्तृत पूछताछ की।
मनीषा के शव का दाह संस्कार गांव ढाणी लक्ष्मण के श्मशान घाट में किया गया था। CBI का कहना है कि मामले में अभी तक कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकला है और सभी संभावनाओं की गहन जांच जारी है।
जानकारी के अनुसार मनीषा मौत मामले में कई परतें और संदिग्ध गतिविधियां सामने आई हैं। परिवार और गांव के लोग भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। CBI ने परिवार से पूछताछ के दौरान कई ऐसे दस्तावेज, रिकॉर्ड और गवाहों के बयान एकत्रित किए हैं, जिनसे हत्या या आत्महत्या की दिशा में स्पष्ट संकेत मिल सकते हैं।
मनीषा के पिता और परिवार के सदस्यों का कहना है कि घटना के दिन और उसके पहले के समय में कई असामान्य गतिविधियां हुई थीं। परिवार ने आरोप लगाया है कि कुछ स्थानीय लोगों और संस्थानों ने इस मामले को दबाने की कोशिश की। CBI टीम इन पहलुओं की जांच भी कर रही है।
CBI अधिकारियों का कहना है कि मामले में तकनीकी और फोरेंसिक सबूतों की भी जांच की जा रही है। शव और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों का विश्लेषण SFL टीम द्वारा किया जा रहा है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि जांच पूरी होने के बाद ही हत्या या आत्महत्या की वास्तविकता सामने आएगी।
Author1