हरियाणा कांग्रेस ने प्रदेश को आपदा ग्रस्त घोषित करने व ₹5000 करोड़ राहत पैकेज की मांग की
हरियाणा कांग्रेस ने प्रदेश को आपदा ग्रस्त घोषित करने की मांग की। केंद्र से ₹5000 करोड़ राहत पैकेज और प्रति एकड़ 50 हजार से 1 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग की गई।
➤ कांग्रेस ने हरियाणा को आपदा ग्रस्त घोषित करने व ₹5000 करोड़ राहत पैकेज की मांग की
➤ प्रति एकड़ 50 हजार से 1 लाख रुपये मुआवजे की भी मांग
➤ बाढ़ से प्रभावित स्वास्थ्य सेवाओं व ड्रेनेज सुधार की भी सख्त अपील की गई
हरियाणा प्रदेश में इन दिनों भारी बारिश के चलते लाखों एकड़ भूमि बाढ़ से प्रभावित हो गई है। इस गंभीर आपदा की स्थिति को देखते हुए हरियाणा कांग्रेस ने प्रदेश सरकार से मिलकर केंद्र सरकार से तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है। कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश को आपदा ग्रस्त घोषित कर पांच हजार करोड़ रुपये के राहत पैकेज की मांग की है। भिवानी जिले के बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरवाल, पूर्व विधायक राव दान सिंह, भिवानी के ग्रामीण प्रधान अनिरुद्ध चौधरी व शहरी प्रधान प्रदीप गुलिया ने संयुक्त पत्रकार वार्ता में केंद्र व राज्य सरकार से तत्काल राहत पैकेज जारी करने की अपील की।
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि अकेले भिवानी जिले के दो हल्के – तोशाम व बवानीखेड़ा में लगभग 19 हजार एकड़ फसलें जलमग्न हो चुकी हैं। घरों में पानी भरा हुआ है, जिससे ग्रामीण जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। नेताओं ने कहा कि तत्काल प्रभाव से प्रभावित किसानों को प्रति एकड़ 50 हजार से एक लाख रुपये मुआवजा दिया जाना चाहिए ताकि उनका आर्थिक नुकसान कम किया जा सके। साथ ही उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर मांगपत्र में इन सुझावों को शामिल किया गया।
प्रदीप नरवाल ने कलिंगा गांव में हुई त्रासदी का जिक्र करते हुए कहा कि तीन मासूम बच्चियों की मकान ढहने से मौत हो चुकी है, जिसके लिए प्रशासन द्वारा दी गई 12 लाख रुपये की सहायता राशि को अपर्याप्त बताया। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि पीड़ित परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी दी जाए और उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। क्योंकि मृतक बच्चियों के अलावा बचे हुए सदस्य भी स्वास्थ्य व आर्थिक रूप से बेहद कमजोर अवस्था में हैं।
कांग्रेस नेताओं ने भविष्य में ऐसी त्रासदियों से बचने के लिए भिवानी जिला के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग की। इस पैकेज के अंतर्गत विशेष ड्रेनेज सिस्टम व नालों का निर्माण कर पानी निकासी की प्रभावी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, ताकि आने वाले समय में बाढ़ के प्रभाव को कम किया जा सके। साथ ही उन्होंने बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की भी अपील की। संभावित इंफेक्शन, बुखार, ऐलर्जी, फंगल इंफेक्शन और आंखों की बीमारियों को देखते हुए तत्काल सावधानी बरतने का भी आग्रह किया।
इसके अतिरिक्त कांग्रेस नेताओं ने केंद्र व राज्य सरकार से यह सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया कि राहत कार्यों में विलंब न हो। उन्होंने बताया कि भिवानी जिले के ग्रामवासियों की समस्याएं गम्भीर हैं और इन्हें अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि सरकार की उदासीनता के चलते ही पीड़ित लोग अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।
प्रदिप नरवाल ने बिहार में एसआईआर के नाम पर हो रहे वोट चोरी के मुद्दे को भी उठाया और आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के इशारों पर काम कर रहा है। उन्होंने निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस बीच, राव दान सिंह ने हरियाणा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनाए जाने के सवाल पर कहा कि यह पार्टी का आंतरिक मामला है, जिसका निर्णय पार्टी उच्च नेतृत्व करेगा।
कांग्रेस नेताओं ने अंत में जोर देकर कहा कि हरियाणा सरकार को बाढ़ राहत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर अंजाम देना चाहिए ताकि प्रभावित जनमानस को जल्द से जल्द राहत मिल सके। साथ ही स्थायी समाधान के लिए प्रभावी योजनाएं बनाई जाएं ताकि भविष्य में ऐसी आपदाओं से निपटा जा सके।