सीएसआईआर-यूजीसी नेट कें पेपर लीक में पुलिस का दावा- सिर्फ अफवाह है
NET परीक्षा को लेकर फैली अफवाहों पर सोनीपत पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। ACP राहुल देव ने साफ किया कि परीक्षा लीक नहीं हुई और ठगी करने वाले दो युवक गिरफ्तार किए गए हैं।
- सीएसआईआर-यूजीसी नेट परीक्षा का पेपर एक दिन पहले लीक
- गोहाना के गांव चिड़ाना में 37 अभ्यर्थियों को कराए जा रहे थे पेपर सॉल्व
- सीएम फ्लाइंग की रेड, दो आरोपी गिरफ्तार, बड़ा रैकेट उजागर
सीएसआईआर-यूजीसी नेट परीक्षा का पेपर लीक होने का बड़ा मामला सामने आया है। यह परीक्षा 18 दिसंबर को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी द्वारा देशभर में कंप्यूटर आधारित मोड में कराई गई थी, लेकिन गोहाना क्षेत्र में इसका पेपर एक दिन पहले ही लीक हो का दावा किया गया है। मामला करीब पांच दिन पुराना है।
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सीएम फ्लाइंग की टीम को 17 दिसंबर को सूचना मिली थी कि सीएसआईआर-यूजीसी नेट परीक्षा का पेपर लीक किया गया है। सूचना के आधार पर टीम ने कार्रवाई करते हुए रोहतक-पानीपत हाईवे स्थित गांव चिड़ाना में रेड की। यहां बंद पड़े एक इंजीनियरिंग संस्थान परिसर में 37 अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र देकर हल करवाया जा रहा था। इस परिसर में पहले रायत बाहरा इंस्टीट्यूट नाम से इंजीनियरिंग कॉलेज संचालित होता था, जो अब बंद है और वर्तमान में यहां कबड्डी अकादमी चल रही है।
उधर, सोनीपत पुलिस के गोहाना एसीपी राहुल देव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में NET परीक्षा को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 18 दिसंबर को आयोजित NET की परीक्षा लीक नहीं हुई थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि कुछ युवक पेपर लीक के नाम पर अभ्यर्थियों से ठगी कर रहे थे।
एसीपी राहुल देव ने बताया कि मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम एक संदिग्ध गाड़ी का पीछा करते हुए रायत बाहरा इंजीनियरिंग कॉलेज तक पहुंची थी। यहां से मामले का खुलासा हुआ। इसराना क्षेत्र से कुछ युवक धोखाधड़ी के जरिए अभ्यर्थियों को पेपर लीक का झांसा देकर इंजीनियरिंग कॉलेज तक लाए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सोनीपत एसीपी जीत सिंह के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम गठित की गई है। SIT पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है ताकि किसी भी साजिश या नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में सचिन और नीरज नाम के दो युवकों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने NET अभ्यर्थियों को पेपर लीक कराने का आश्वासन देकर उनसे मोटी रकम मांगी थी। जांच में यह सामने आया है कि यह पूरा मामला ठगी का था और परीक्षा की गोपनीयता से कोई छेड़छाड़ नहीं हुई।
सोनीपत पुलिस का कहना है कि SIT की जांच जारी है और यदि इस मामले में अन्य लोग भी शामिल पाए गए तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह या झांसे में न आएं।
रेड के दौरान मौके से कुल 37 अभ्यर्थी मिले। इनमें से 16 अभ्यर्थियों को केमिस्ट्री और 21 अभ्यर्थियों को लाइफ साइंस विषय का पेपर देना था। टीम ने दोनों विषयों के ए और बी सेट के प्रश्नपत्र बरामद किए, जिनके कुल 66 पेज बताए गए हैं।
मौके से रोहतक के गांव करौथा निवासी दो लोगों नीरज और सचिन को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि दोनों आरोपी अभ्यर्थियों के साथ बैठकर प्रश्नपत्र हल करवा रहे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क काफी संगठित तरीके से काम कर रहा था और परीक्षा से ठीक पहले छात्रों को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए जा रहे थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि प्रत्येक अभ्यर्थी से तीन से चार लाख रुपये तक की रकम वसूली गई थी। सीएम फ्लाइंग रोहतक के एसआई कर्मबीर की शिकायत पर गोहाना सदर थाना में केस दर्ज किया गया है।
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से गिरोह के अन्य सदस्यों के नाम भी सामने आए हैं। इनमें धीरज, पवन और आशीष शामिल हैं। फिलहाल पुलिस प्रश्नपत्रों का आधिकारिक पेपर से मिलान कर रही है। मौके पर पकड़े गए 37 अभ्यर्थियों के नाम फिलहाल केस में शामिल नहीं किए गए हैं। मामले की जांच जारी है।
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