देवेंद्र बूड़िया को हिसार फास्ट ट्रैक कोर्ट से मिली जमानत, समर्थकों ने किया स्वागत
अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के पूर्व अध्यक्ष देवेंद्र बूड़िया को हिसार फास्ट ट्रैक कोर्ट से जमानत मिली, जेल से बाहर निकलने पर समर्थकों ने माला पहनाकर स्वागत किया, वकील ने कोर्ट में पेश किए अहम सबूत और युवती के बयान में विरोधाभास उजागर हुआ
➤ देवेंद्र बूड़िया को हिसार फास्ट ट्रैक कोर्ट से जमानत
➤ जेल से बाहर निकलने पर समर्थकों ने किया जोरदार स्वागत
➤ वकील ने कोर्ट में पेश किए सबूत, युवती के बयान में विरोधाभास उजागर
अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बूड़िया को शुक्रवार को हिसार फास्ट ट्रैक कोर्ट से जमानत मिल गई, और शनिवार दोपहर बाद वह जेल से बाहर आ गए। जेल के बाहर उनके समर्थकों की भारी भीड़ जुटी थी, जिन्होंने उन्हें माला पहनाकर और नारेबाजी करते हुए जोरदार स्वागत किया। समर्थकों ने कहा कि न्यायालय पर भरोसा रखा और सत्य की जीत हुई है।
देवेंद्र बूड़िया ने मीडिया से बातचीत में कहा कि केस न्यायालय में चल रहा है और उनकी तरफ से कोई बयान नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि न्याय प्रक्रिया के अनुसार ही उन्हें चलना पड़ता है और कोर्ट के फैसले से संतुष्ट हैं।
बूड़िया के वकील पवन रापड़िया ने बताया कि जमानत में तीन प्रमुख पहलू महत्वपूर्ण रहे। युवती ने पुलिस को शुरू में 2 फरवरी, अगस्त और सितंबर 2024 की तारीखों में रेप होने की बात कही थी, मगर जांच में पता चला कि फरवरी में बूड़िया चंडीगढ़ में मौजूद ही नहीं थे। बाद में युवती ने बयान बदलकर 15 मई, 2 जून और 21 अक्टूबर 2024 की तारीखें बताईं। इसके अलावा युवती ने कई बार बूड़िया को कॉल की, जो कॉल डिटेल में दर्ज है, जिससे विवादास्पद स्थिति बनी।
वकील ने बताया कि चंडीगढ़ के हयात होटल में देवेंद्र बूड़िया अकेले ठहरे थे, जो चार्जशीट में दर्ज है। युवती ने दावा किया कि उसने सबसे पहले अपनी मां को घटना बताई, मगर मां को गवाह नहीं बनाया गया। कोर्ट में डेढ़ घंटे की बहस के दौरान वकील ने हर पहलू कोर्ट के सामने रखा।
इस मामले में 1912 पन्नों की चार्जशीट और 45 गवाह बनाए गए थे। चार्जशीट में होटल की सीसीटीवी रिपोर्ट, जयपुर फ्लैट की घटना और युवती-बूड़िया के मोबाइल डेटा शामिल किया गया है। पुलिस का दावा था कि उनके पास पर्याप्त सबूत हैं।
Akhil Mahajan