यूएई में बैठे वांछित आरोपी पर शिकंजा, हरियाणा से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई-लग्जरी कारें, बैंक लॉकर और दस्तावेज जब्त

प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हरियाणा के गुरुग्राम और रोहतक में छापेमारी कर ₹17 लाख नकद, लग्जरी कारें, बैंक लॉकर और दस्तावेज जब्त किए। आरोपी यूएई में रह रहा है।

यूएई में बैठे वांछित आरोपी पर शिकंजा, हरियाणा से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई-लग्जरी कारें, बैंक लॉकर और दस्तावेज जब्त
  • हरियाणा से जुड़े ठिकानों पर ED की बड़ी छापेमारी
  • गुरुग्राम और रोहतक में नकदी व लग्जरी कारें जब्त
  • यूएई में बैठे वांछित आरोपी पर मनी लॉन्ड्रिंग का शिकंजा


प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हरियाणा को जोड़ते हुए बड़ी कार्रवाई की है। ED ने 26 और 27 दिसंबर को दिल्ली के साथ हरियाणा के गुरुग्राम और रोहतक में एक साथ छापेमारी की। इस दौरान कुल 10 ठिकानों पर तलाशी ली गई, जहां से नकदी, लग्जरी वाहन, बैंक लॉकर और अहम दस्तावेज बरामद किए गए।

ED के अनुसार यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट 2002 के तहत चल रही जांच का हिस्सा है। जांच यूएई में रह रहे वांछित आरोपी इंदरजीत सिंह यादव और उसके सहयोगियों के खिलाफ की जा रही है। एजेंसी का कहना है कि आरोपी लंबे समय से विदेश में रहकर भारत में अपने नेटवर्क को संचालित कर रहा था।

छापेमारी के दौरान ED ने 5 लग्जरी कारें, बैंक लॉकर, करीब 17 लाख रुपये नकद, डिजिटल डिवाइस, दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डेटा जब्त किया है। जब्त की गई संपत्तियों को इंदरजीत सिंह यादव और उसके सहयोगियों से जुड़ा बताया गया है। इन संपत्तियों की खरीद में अपराध से अर्जित धन के इस्तेमाल की आशंका जताई गई है।

जांच एजेंसी के मुताबिक इंदरजीत सिंह यादव ने एक ऐसी वेबसाइट विकसित और संचालित की थी, जिसके जरिए कॉरपोरेट कंपनियों और निजी फाइनेंसरों के बीच लोन सेटलमेंट कराए जाते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि इस माध्यम से अवैध तरीके से बड़ी रकम अर्जित की गई, जिसे बाद में अलग-अलग तरीकों से निवेश किया गया।

ED की जांच में पाया गया कि अपराध से प्राप्त धन का उपयोग कर इंदरजीत और उसके परिवार के सदस्यों के नाम पर कई चल और अचल संपत्तियां खरीदी गईं। इन संपत्तियों को अलग-अलग नामों पर दर्ज कर असली स्रोत छिपाने की कोशिश की गई।

यह पूरा मामला हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज 15 एफआईआर और कई चार्जशीट के बाद ED तक पहुंचा। इन मामलों में आर्म्स एक्ट 1959, भारतीय न्याय संहिता 2023 और भारतीय दंड संहिता 1860 के तहत गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

शिकायतों के अनुसार इंदरजीत सिंह यादव जेम रिकॉर्ड्स एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड का मालिक है, जो जेम्स ट्यून्स के नाम से संचालित होती है। उस पर हत्या, जबरन वसूली, जबरन लोन सेटलमेंट, धोखाधड़ी, अवैध जमीन कब्जा और अन्य गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं। ED का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और खुलासे हो सकते हैं।