हरियाणा की अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर छापा, तीन डॉक्टरों के आतंकी मॉड्यूल से जुड़े तार
फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पुलिस की बड़ी रेड। 2900 किलो विस्फोटक बरामद, तीन डॉक्टर गिरफ्तार। महिला प्रोफेसर शाहीन शाहिद आतंकी मॉड्यूल से जुड़ी बताई गईं।
➤ फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पुलिस रेड, आतंकी मॉड्यूल से जुड़े तार मिलने का शक
➤ 2900 किलो विस्फोटक बरामद, तीन डॉक्टर गिरफ्तार — सभी के कनेक्शन यूनिवर्सिटी से
➤ गिरफ्तार महिला डॉक्टर शाहीन शाहिद के रिश्ते, जैश-ए-मोहम्मद और AGuH संग बताए जा रहे
फरीदाबाद। दिल्ली से सटे फरीदाबाद में 2900 किलो अमोनियम नाइट्रेट मिलने के बाद अब पुलिस ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी में बड़ी कार्रवाई की है। यूनिवर्सिटी परिसर के अंदर और बाहर भारी पुलिस बल तैनात है और पूरे इलाके को घेरकर तलाशी ली जा रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह जांच उस समय तेज की गई जब पता चला कि गिरफ्तार तीनों डॉक्टरों — डॉ. आदिल अहमद राठर, डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई उर्फ मुजम्मिल शकील और लेडी डॉक्टर शाहीन शाहिद — का यूनिवर्सिटी से सीधा संबंध रहा है।
बताया जा रहा है कि यूनिवर्सिटी की स्थापना गल्फ फंडिंग से हुई थी। फिलहाल संस्थान की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि धौज और फतेहपुर तगा इलाके से मिले विस्फोटक की साजिश ‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’ का हिस्सा थी। यह ऐसा नेटवर्क है जो पढ़े-लिखे प्रोफेशनल्स की आड़ में आतंकी गतिविधियां संचालित करता है ताकि संदेह न हो।
तीन डॉक्टरों के तार कैसे जुड़े
जम्मू-कश्मीर पुलिस की पूछताछ में डॉ. आदिल अहमद ने बताया कि उसने फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी में कार्यरत डॉ. मुजम्मिल शकील के कहने पर यह काम किया। मुजम्मिल पिछले तीन साल से यूनिवर्सिटी में लेक्चरर था और धौज इलाके में किराए पर रहता था। उसके कमरे से 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट, असॉल्ट राइफल, कारतूस और टाइमर उपकरण मिले हैं।
फतेहपुर तगा में 2500 रुपये किराए पर कमरा और विस्फोटक
फतेहपुर तगा गांव में जिस घर से 2563 किलो विस्फोटक मिला, वह एक मौलाना का है। यह घर मजदूर इलाके में है, इसलिए किसी को शक नहीं हुआ। कमरे का किराया छह महीने से नहीं दिया गया था। बरामदगी के बाद पुलिस ने मौलाना से पूछताछ की और कई संदिग्धों को हिरासत में लिया।
महिला डॉक्टर शाहीन शाहिद की गिरफ्तारी से बड़ा खुलासा
लखनऊ निवासी डॉ. शाहीन शाहिद, जो अल-फलाह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर थीं, को भी गिरफ्तार किया गया है। वह मुख्य आरोपी मुजम्मिल की सहयोगी और करीबी बताई जा रही हैं। पुलिस के मुताबिक शाहीन आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार गजवत-उल-हिंद (AGuH) से जुड़ी थीं।
वह मॉड्यूल को लॉजिस्टिक सपोर्ट देती थीं — जैसे विस्फोटक की ढुलाई और हथियार छिपाना। जांच एजेंसियां उनकी फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और डिजिटल चैट रिकॉर्ड खंगाल रही हैं।
15 दिन से चल रहा था जॉइंट ऑपरेशन
फरीदाबाद पुलिस कमिश्नर सतेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि पिछले 15 दिनों से यह संयुक्त ऑपरेशन चल रहा था। इस दौरान पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने कई ठिकानों पर रेड की और बड़ा विस्फोटक जखीरा बरामद किया।
अल-फलाह ट्रस्ट की पृष्ठभूमि
अल-फलाह विश्वविद्यालय की स्थापना अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट ने की थी। यह ट्रस्ट 1997 से इंजीनियरिंग कॉलेज चला रहा था और 2014 में इसे निजी विश्वविद्यालय का दर्जा मिला। अब इसकी फंडिंग और नेटवर्क को लेकर एजेंसियां जांच कर रही हैं।
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