सोना-चांदी में फिर लौटी चमक, भारी गिरावट के बाद बाजार ने पकड़ी रफ्तार, जानें आज के भाव

भारी गिरावट के बाद सोना और चांदी की कीमतों में तेजी आई है। चांदी 2.65 लाख और सोना 1.58 लाख रुपये तक पहुंचा। जानें तेजी की वजह।

सोना-चांदी में फिर लौटी चमक, भारी गिरावट के बाद बाजार ने पकड़ी रफ्तार, जानें आज के भाव

➤ चांदी 14800 रुपये उछलकर 2.65 लाख रुपये प्रति किलो
➤ सोना 3050 रुपये चढ़कर 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम
➤ जापान चुनाव नतीजों और अमेरिकी डेटा से बाजार को सहारा

बीते सप्ताह की भारी उतार-चढ़ाव और तेज गिरावट के बाद सोमवार को सर्राफा बाजार में सोना और चांदी एक बार फिर मजबूती के साथ लौटे। बुलियन मार्केट से जुड़े आंकड़ों के मुताबिक, चांदी की कीमतों में एक ही दिन में 14800 रुपये की तेजी दर्ज की गई और यह बढ़कर 2.65 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। वहीं सोना भी 3050 रुपये महंगा होकर 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।

यह तेजी ऐसे समय आई है, जब पिछले सप्ताह मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों के चलते कीमती धातुओं में भारी दबाव देखा गया था। सोमवार को निवेशकों की नई खरीदारी और अंतरराष्ट्रीय संकेतों ने बाजार को सहारा दिया।

घरेलू वायदा बाजार की बात करें तो शुरुआती कारोबार में एमसीएक्स पर चांदी 5185 रुपये उछलकर 2.49 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। वहीं सोना 3428 रुपये की मजबूती के साथ 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखा। इससे संकेत मिला कि गिरावट के बाद निवेशकों का भरोसा दोबारा लौट रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी तेजी का रुख बना रहा। एशियाई कारोबार के दौरान स्पॉट गोल्ड करीब 1.18 प्रतिशत चढ़कर 5040 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं स्पॉट सिल्वर में 3.39 प्रतिशत की तेज बढ़त दर्ज की गई और यह 79.89 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।

हालांकि मौजूदा तेजी के बावजूद दोनों कीमती धातुएं अब भी अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से नीचे बनी हुई हैं। सोना अपने ऑल-टाइम हाई 5608.35 डॉलर से करीब 11.27 प्रतिशत नीचे है, जबकि चांदी 29 जनवरी को बने 121.67 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर से लगभग 52.29 प्रतिशत फिसल चुकी है

बाजार में आई इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण जापान में प्रधानमंत्री साने ताकाइची की निर्णायक चुनावी जीत को माना जा रहा है। चुनाव नतीजों के बाद उदार राजकोषीय नीति की उम्मीदें मजबूत हुई हैं, जिससे येन पर दबाव बना हुआ है। कमजोर येन और वैश्विक अनिश्चितता को आमतौर पर सोने के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, इन्हीं उम्मीदों ने कीमती धातुओं की मांग को सहारा दिया है।

अब निवेशकों की नजर अमेरिका से आने वाले अहम आर्थिक आंकड़ों पर टिकी हुई है। बुधवार को जनवरी का रोजगार डेटा जारी होने की संभावना है, जिससे श्रम बाजार की स्थिति का संकेत मिलेगा। वहीं शुक्रवार को आने वाले महंगाई के आंकड़े फेडरल रिजर्व की आगे की ब्याज दर नीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह सोना और चांदी में तेज गिरावट देखने को मिली थी। इसकी मुख्य वजह मुनाफावसूली, अमेरिकी डॉलर में मजबूती और वास्तविक यील्ड्स में बढ़ोतरी रही। इन कारणों से सुरक्षित निवेश के रूप में कीमती धातुओं की चमक कुछ समय के लिए फीकी पड़ गई थी।

कुल मिलाकर, जानकारों का मानना है कि अल्पकाल में वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रम और अमेरिकी मैक्रो इकोनॉमिक डेटा ही सोना-चांदी की आगे की चाल तय करेंगे।