हरियाणा बीजेपी में बाहरी नेताओं की एंट्री पर सख्ती, जॉइनिंग के लिए बनाई गई स्टेट और डिस्ट्रिक्ट कमेटियां

हरियाणा बीजेपी ने जॉइनिंग प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया। अब बाहरी नेताओं की एंट्री संगठन की मंजूरी से होगी। स्टेट और डिस्ट्रिक्ट लेवल पर जॉइनिंग कमेटियां गठित की गई हैं।

हरियाणा बीजेपी में बाहरी नेताओं की एंट्री पर सख्ती,  जॉइनिंग के लिए बनाई गई स्टेट और डिस्ट्रिक्ट कमेटियां
  • हरियाणा बीजेपी में अब बाहरी नेताओं की एंट्री पर सख्ती
  • जॉइनिंग के लिए स्टेट और डिस्ट्रिक्ट लेवल कमेटियां गठित
  • संगठन की रजामंदी बिना अब पार्टी में शामिल होना मुश्किल

हरियाणा बीजेपी में अब बाहरी दलों से आने वाले नेताओं की एंट्री आसान नहीं होगी। पार्टी संगठन ने जॉइनिंग को लेकर बड़ा बदलाव करते हुए नई नीति लागू कर दी है। इसके तहत अब बिना संगठन की रजामंदी के कोई भी नेता दूसरे दल से आकर बीजेपी में शामिल नहीं हो सकेगा।

पार्टी ने स्टेट लेवल और डिस्ट्रिक्ट लेवल पर जॉइनिंग कमेटियों का गठन कर दिया है। संगठन से जुड़े सभी जॉइनिंग फैसले अब इन्हीं कमेटियों के स्तर पर लिए जाएंगे। इसका उद्देश्य पार्टी में अनुशासन बनाए रखना और जमीनी कार्यकर्ताओं की भूमिका को मजबूत करना है।

सबसे अहम बात यह है कि इन कमेटियों में मंत्री, विधायक, जिलाध्यक्ष और वरिष्ठ नेता शामिल किए गए हैं। स्टेट लेवल कमेटी में चार सदस्य, जबकि डिस्ट्रिक्ट लेवल कमेटी में तीन सदस्यों को जॉइनिंग की जिम्मेदारी दी गई है।

इस नई नीति के बीच मंगलवार को पूर्व विधायक ईश्वर सिंह और उनके बेटे की बीजेपी में एंट्री हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पार्टी अध्यक्ष बड़ौली भी मौजूद रहे।

सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में पार्टी के अंदर कार्यकर्ताओं की नाराजगी सामने आई थी। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि बाहरी दलों से आने वाले नेताओं को संगठन और सरकार में अहम पद दिए जा रहे हैं, जबकि वर्षों से पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं की अनदेखी हो रही है। इसी फीडबैक के बाद संगठन ने यह नया फैसला लिया।

पार्टी सूत्रों का मानना है कि इस कदम से संगठन को मजबूती मिलेगी और कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने के बेहतर मौके मिलेंगे। साथ ही, बाहर से आने वाले नेताओं की वेरिफिकेशन प्रक्रिया भी आसान होगी, जिससे संगठन के लिए असहज स्थितियों से बचा जा सकेगा।

इस फैसले से पिछले वर्षों में हुई बाहरी नेताओं की बेतरतीब एंट्री पर लगाम लगेगी और पार्टी के कोर कैडर को आगे बढ़ने का रास्ता मिलेगा।