हरियाणा के 1126 प्राइवेट स्कूलों की मान्यता पर संकट, जानें वजह

हरियाणा शिक्षा विभाग ने RTE कानून का उल्लंघन करने वाले 1680 निजी स्कूलों पर जुर्माना लगाया है। 1126 स्कूलों की मान्यता खतरे में है। फीस के आधार पर अलग-अलग जुर्माना राशि तय की गई है।

हरियाणा के 1126 प्राइवेट स्कूलों की मान्यता पर संकट, जानें वजह

➤ 1126 स्कूलों की मान्यता खतरे में
➤ 1680 प्राइवेट स्कूलों पर RTE उल्लंघन के आरोप में जुर्माना
➤ फीस के आधार पर अलग-अलग जुर्माना राशि तय की गई

हरियाणा शिक्षा विभाग ने शिक्षा का अधिकार (RTE) कानून का उल्लंघन करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के एडमिशन प्रक्रिया में गड़बड़ियों का पता लगाते हुए कुल 1680 निजी स्कूलों पर जुर्माना लगाया है। विभाग ने बताया कि अधिकांश स्कूलों ने MIS पोर्टल पर RTE एडमिशन की जरूरी जानकारी समय पर अपलोड नहीं की थी, जिससे पारदर्शिता और अधिकारिता पर सवाल उठने लगे।

सूत्रों के अनुसार, जिन स्कूलों ने मात्र ₹1000 तक की फीस ली थी, उन पर ₹30,000 का जुर्माना लगाया गया है। वहीं ₹3000 तक फीस लेने वाले स्कूलों पर ₹70,000 का जुर्माना लगाया गया। उन संस्थानों को, जो ₹3000 से अधिक फीस वसूलते हैं, कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग ने कहा कि इन स्कूलों के खिलाफ जांच पूरी होने के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें उनकी मान्यता रद्द करने तक का विकल्प शामिल हो सकता है।

शिक्षा विभाग का यह कदम शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और गरीब बच्चों को आरटीई का लाभ दिलाने के उद्देश्य से उठाया गया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस प्रकार की कार्रवाई से शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और नियमों का पालन बढ़ेगा, जिससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।