आईएएस पत्नी का संघर्ष तेज, पति को न्याय दिलाने का बीड़ा उठाया, डीजीपी और एसपर पर केस दर्ज करने की मांग, दो धडों में पुलिस विभाग, सीएम ने की मुलाकात

हरियाणा के आईपीएस वाई पूरण कुमार की आत्महत्या के बाद उनकी आईएएस पत्नी अमनीत पी. कुमार ने डीजीपी और एसपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए एफआईआर की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनके पति को सिस्टम ने तोड़ दिया। अब मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अफसर इस केस में सक्रिय हैं।

आईएएस पत्नी का संघर्ष तेज, पति  को न्याय दिलाने  का बीड़ा उठाया, डीजीपी और एसपर पर केस दर्ज करने की मांग,  दो धडों में पुलिस विभाग, सीएम ने की मुलाकात

आईएएस पत्नी का संघर्ष तेज, पति की आत्महत्या पर उठाया न्याय का बीड़ा
वरिष्ठ अफसरों पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी, एफआईआर दर्ज कराने की मांग तेज
हरियाणा पुलिस और प्रशासन दो धड़ों में बंटा, सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल


हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या का मामला अब राज्य प्रशासन और पुलिस सिस्टम के लिए गहरी चुनौती बन गया है। इस केस ने न केवल पुलिस व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि सिस्टम में मौजूद जातिगत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न की संस्कृति को भी उजागर कर दिया है आईपीएस पूरण कुमार की पत्नी और राज्य की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमनीत पी. कुमार ने अब खुलकर अपने पति को न्याय दिलाने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने बुधवार देर रात चंडीगढ़ के सेक्टर-11 थाने में राज्य के डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया के खिलाफ चार पेज की विस्तृत शिकायत दी है। अमनीत ने अपनी शिकायत में दोनों अफसरों पर मानसिक उत्पीड़न, जातिगत भेदभाव, सार्वजनिक अपमान और आत्महत्या के लिए मजबूर करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने एफआईआर दर्ज करने और तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।CM नायब सैनी चंडीगढ़ के सेक्टर-24 में IAS अमनीत पी. कुमार से मिलने उनके आवास पर पहुंचे  उनके साथ मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर भी मौजूद रहे। 

दोपहर करीब साढ़े 12 बजे वह चंडीगढ़ के सेक्टर-24 में IG की पत्नी अमनीत कुमार के घर पहुंचे। इस दौरान करीब 1 घंटे तक CM सैनी ने अलग कमरे में IAS अमनीत पी. कुमार के साथ मीटिंग की। मीटिंग के दौरान IAS अमनीत ने CM सैनी को 2 पन्नों की शिकायत सौंपी। इसके जरिए IG के लिखे सुसाइड नोट में शामिल अधिकारियों को सस्पेंड करने, अरेस्ट करने और परिवार को सिक्योरिटी देने की मांग की।

उनके साथ मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर भी पहुंचे थे। IG पूरन कुमार ने अपने सुसाइड नोट में इन्हें आपबीती बताने की बात लिखी है। सूत्रों के मुताबिक, जापान से चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर लैंड होते ही सीएम सैनी ने DGP शत्रुजीत कपूर से एयरपोर्ट पर ही मुलाकात की थी। यहां CM ने DGP से IPS सुसाइड मामले की पूरी रिपोर्ट मांगी।

वाई पूरन कुमार के शव का आज (9 अक्टूबर) पोस्टमॉर्टम हो सकता है। बुधवार को उनकी IAS अफसर पत्नी अमनीत पी. कुमार जापान दौरे से चंडीगढ़ लौट आईं थी, लेकिन वह पोस्टमॉर्टम के लिए राजी नहीं हुईं। उन्होंने अधिकारियों से कहा था कि जब उनकी बड़ी बेटी अमेरिका से चंडीगढ़ पहुंच जाएगी, तब ही इस पर फैसला होगा। पारिवारिक सूत्रों का कहना है कि अमनीत पी. कुमार ने स्पष्ट कहा है कि वह पोस्टमॉर्टम के समय खुद मौजूद रहेंगी और वीडियोग्राफी भी कराएंगी। इसके बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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आईएएस पत्नी का आरोप — "मेरे पति को सिस्टम ने तोड़ दिया"

अमनीत पी. कुमार का कहना है कि उनके पति एक ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ और निष्पक्ष अधिकारी थे, लेकिन वर्षों से उन्हें योजनाबद्ध तरीके से टारगेट किया गया
उन्होंने कहा —“यह सिर्फ आत्महत्या नहीं, बल्कि सिस्टम की प्रताड़ना की पराकाष्ठा है। मेरे पति को उनके ईमानदार काम और जाति के कारण निशाना बनाया गया।”

अमनीत ने आरोप लगाया कि डीजीपी के निर्देश पर 6 अक्टूबर को रोहतक के अर्बन एस्टेट थाने में झूठा केस दर्ज कराया गया, जिससे वाई पूरण कुमार पूरी तरह टूट गए।
सुसाइड से पहले उन्होंने डीजीपी और एसपी दोनों को फोन किया, लेकिन किसी ने कॉल नहीं उठाई।


शिकायत में लगाए गए 7 बड़े आरोप

  1. आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया
    डीजीपी और एसपी की प्रताड़ना ने वाई पूरण कुमार को आत्महत्या के लिए विवश किया।

  2. सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया
    कई मौकों पर सीनियर अफसरों ने उन्हें मीटिंग्स में नीचा दिखाया और बेवजह डांटा।

  3. जातिगत भेदभाव और गालियां
    शिकायत में कहा गया है कि उन्हें जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया गया और भेदभाव झेलना पड़ा।

  4. झूठे केस की साजिश
    6 अक्टूबर को झूठा केस दर्ज कर उनके आत्मविश्वास को तोड़ा गया।

  5. फोन कॉल्स को अनसुना किया गया
    संकट की घड़ी में मदद के लिए की गई कॉल्स किसी ने नहीं उठाई।

  6. सुसाइड नोट में अफसरों के नाम
    8 पन्नों के सुसाइड नोट में 30 से अधिक अफसरों के नाम शामिल हैं।

  7. सबूत मिटाने की आशंका
    अमनीत ने आशंका जताई कि आरोपी अधिकारी जांच को प्रभावित करने और सबूतों से छेड़छाड़ की कोशिश कर सकते हैं।


“यह आत्महत्या नहीं, एक संस्थागत हत्या है” — अमनीत पी. कुमार

अमनीत ने कहा — “मेरे पति ने जातिगत अपमान और संस्थागत भेदभाव सहा। यह सिर्फ एक पारिवारिक त्रासदी नहीं, बल्कि एक ईमानदार अधिकारी के आत्मसम्मान की हत्या है।”

उन्होंने आगे कहा —“मेरे बच्चे जवाब के हकदार हैं, और मेरे पति की सेवा न्याय और सम्मान की हकदार है। मैं यह लड़ाई अंत तक लड़ूंगी।”


कानूनी कार्रवाई की मांग

अमनीत ने चंडीगढ़ पुलिस से गुहार लगाई है कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (पूर्व में धारा 306 - आत्महत्या के लिए उकसाना) और SC/ST एक्ट 1989 के तहत मामला दर्ज किया जाए। उनका कहना है कि अगर तुरंत गिरफ्तारी नहीं हुई, तो आरोपी अपनी पदस्थापना का प्रभाव डालकर जांच को प्रभावित कर सकते हैं।


मुख्यमंत्री, मंत्री और अफसरों की हलचल तेज

घटना के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी इस मामले पर गंभीर रुख अपनाया है। सूत्रों के अनुसार वे आईएएस अमनीत पी. कुमार से मुलाकात करने उनके सेक्टर-24 स्थित आवास पर जाएंगे। उनके साथ कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी, कृष्ण पंवार और कांग्रेस सांसद वरुण मुलाना भी पहुंच सकते हैं।
सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री जांच को लेकर बड़ा फैसला कर सकते हैं। इस बीच, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने भी अमनीत से मुलाकात की और पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अपील की, लेकिन अमनीत ने स्पष्ट कहा कि बिना एफआईआर दर्ज हुए वह सहमति नहीं देंगी
उन्होंने कहा कि जब उनकी बेटी अमेरिका से लौटेगी, तभी अंतिम संस्कार पर फैसला होगा।


दो धड़ों में बंटा प्रशासन

इस केस ने आईएएस, आईपीएस, एचसीएस और एचपीएस अफसरों के बीच खाई बना दी है। सूत्रों के अनुसार, बुधवार शाम चंडीगढ़ में एक सीक्रेट मीटिंग हुई जिसमें प्रिंसिपल सेक्रेटरी स्तर के अधिकारी भी शामिल हुए। मीटिंग में एससी वर्ग के अफसरों ने पूरण कुमार को न्याय दिलाने के लिए रणनीति बनाई।
दूसरी ओर, कुछ अफसर सरकारी छवि बचाने की कोशिशों में जुटे हैं।


सवाल उठे सिस्टम से — क्या होगी निष्पक्ष जांच?

अब सवाल यह है कि जब आरोपी खुद सिस्टम का हिस्सा हैं, तो क्या जांच निष्पक्ष हो पाएगी?
क्या इस मामले में सीबीआई या हाई-लेवल इनक्वायरी की आवश्यकता है?
और क्या राज्य सरकार उन अफसरों पर तुरंत कड़ी कार्रवाई कर पाएगी जिन पर एक ईमानदार आईपीएस को आत्महत्या तक धकेलने का आरोप है?


यह है पूरा मामला

आईपीएस वाई पूरण कुमार, जो हरियाणा पुलिस में आईजी रैंक पर कार्यरत थे, ने 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ स्थित अपने आवास के बेसमेंट में खुद को गोली मार ली थी।
मौके से 8 पन्नों का सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें कई वरिष्ठ अफसरों के नाम लिखे थे।
उस समय उनकी पत्नी आईएएस अमनीत पी. कुमार जापान दौरे पर थीं और 8 अक्टूबर को भारत लौटीं।
अमनीत ने लौटते ही कहा —

“मैं इस लड़ाई को सिस्टम के भीतर से लड़ूंगी, और अपने पति के सम्मान की रक्षा करूंगी।”