हरियाणा के 1.20 लाख कच्चे कर्मचारियों को जल्द मिलेगी जॉब सिक्योरिटी
हरियाणा के 1.20 लाख अस्थायी कर्मचारियों के लिए जॉब सिक्योरिटी पोर्टल तैयार। दो विभागों में ट्रायल के बाद सभी को मिलेगा लाभ। सरकार जल्द शुरू करेगी ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया।
-
हरियाणा सरकार 1.20 लाख कच्चे कर्मचारियों को जॉब सिक्योरिटी देने की तैयारी में
-
ऑनलाइन पोर्टल तैयार, पहले दो विभागों में होगा ट्रायल रन
-
ट्रायल सफल होने के बाद सभी विभागों में लागू, कर्मचारियों को ऑनलाइन अप्लाई करना होगा
हरियाणा में कार्यरत 1.20 लाख अस्थायी कर्मचारियों को अब जॉब सिक्योरिटी (सेवा सुरक्षा) मिलने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार ने इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल तैयार कर लिया है, जिसे अगले हफ्ते शुरू किया जाएगा। हालांकि, शुरुआत में इसे सिर्फ दो विभागों में ट्रायल के तौर पर लागू किया जाएगा। ट्रायल सफल होने के बाद यह पोर्टल सभी विभागों, बोर्डों और निगमों के लिए खोल दिया जाएगा।
इस पोर्टल का निर्माण मानव संसाधन विभाग ने किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पांच दिन पहले अपने मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर के साथ मीटिंग में पोर्टल को जल्द शुरू करने के निर्देश दिए थे।
खट्टर सरकार के समय से चला आ रहा सिस्टम
पूर्व मुख्यमंत्री मनोज खट्टर के कार्यकाल में अस्थायी कर्मचारियों की भर्ती हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के माध्यम से की जाती थी। सरकार ने बीते महीनों में HKRN के तहत 5 साल सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को जॉब सिक्योरिटी देने की घोषणा की थी।
लोकसभा चुनाव के बाद लिया गया बड़ा फैसला
2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को हरियाणा में 5 सीटों पर हार झेलनी पड़ी थी। हार की समीक्षा के दौरान पता चला कि कर्मचारी वर्ग जॉब सिक्योरिटी को लेकर नाराज था। इसी के बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने विधानसभा चुनाव से पहले अस्थायी कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा देने का वादा किया।
कैबिनेट से मंजूरी, पर अमल नहीं
घोषणा के तुरंत बाद कैबिनेट ने अध्यादेश को मंजूरी दी और 15 अगस्त 2024 को अधिसूचित भी कर दिया गया। मगर अधिकांश विभागों ने इसे लागू नहीं किया। अधिकारी मान रहे थे कि सरकार शायद बदल जाए। लेकिन अक्टूबर 2024 में नायब सैनी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर सरकार को रिपीट किया।
विधानसभा में पारित विधेयक भी ठंडे बस्ते में
सरकार दोबारा बनने के बाद भी ज्यादातर विभागों ने जॉब सिक्योरिटी लागू नहीं की। सरकार ने विधानसभा में विधेयक पारित कर राज्यपाल की मंजूरी भी ले ली। स्थायी कानून बनने के बावजूद अधिकारियों की सुस्ती के कारण कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिला।
अब बने नए नियम और तैयार हुआ पोर्टल
एक साल बाद सरकार ने सेवा सुरक्षा अधिनियम 2024 के तहत नए नियम अधिसूचित किए। इसमें आउटसोर्सिंग पॉलिसी पार्ट-1 से जुड़े बिंदुओं को भी स्पष्ट कर दिया गया ताकि किसी भी अस्थायी कर्मचारी को इसका लाभ देने में बाधा न हो।
मुख्य सचिव के 18 अगस्त नोटिफिकेशन के अनुसार, सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि वे फिलहाल किसी भी प्रकार की ऑफलाइन सलाह न लें और ऑनलाइन सिस्टम शुरू होने का इंतजार करें। इस पोर्टल से कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा मिलेगी और पूरी प्रक्रिया डिजिटल रूप में होगी।
जल्द मिलेगा स्थायित्व का तोहफा
पोर्टल के ट्रायल के बाद जब यह राज्यभर में लागू होगा, तो यह कदम हरियाणा के लाखों अस्थायी कर्मचारियों के लिए स्थायित्व और सुरक्षा का नया अध्याय खोलेगा।
Author1