दहशत का सफर: ईरान में करनाल के 4 युवकों से बर्बरता, नग्न कर पीटे, 20 लाख की फिरौती मांगी; किडनी निकालने की धमकी

ईरान में दो हरियाणवी युवक डोंकरों के चंगुल में बंधक बनाए गए हैं। आरोपियों ने 20 लाख रुपए की फिरौती मांगी है और धमकी दी है कि पैसे नहीं दिए तो उनकी किडनियां निकाल दी जाएंगी। परिवार ने करनाल पुलिस में शिकायत दी है, जांच जारी है।

ईरान में दो हरियाणवी युवक बंधक
डोंकर ने नग्न कर बेरहमी से पीटा, मांगी 20 लाख की फिरौती
परिवार करनाल में गुहार, पुलिस ने जांच शुरू की



ईरान से एक ऐसा दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने पूरे हरियाणा को झकझोर दिया है। इस वीडियो में दो भारतीय युवकों को कुछ डोंकरों द्वारा नग्न कर डंडों से पीटा जा रहा है। वीडियो वायरल होते ही हरियाणा के करनाल जिले के जांबा और दादुपुर गांव में कोहराम मच गया, क्योंकि यह दोनों युवक इन्हीं गांवों के रहने वाले हैं। दोनों ने डंकी रूट के जरिए यूरोप के स्पेन पहुंचने की कोशिश की थी, लेकिन रास्ते में उन्हें ईरान के डोंकरों ने बंधक बना लिया। अब उनसे 20 लाख रुपए की फिरौती मांगी जा रही है और धमकी दी गई है कि अगर रकम नहीं दी गई तो उनकी किडनियां निकालकर बेच दी जाएंगी

24 वर्षीय ऋतिक (निवासी जांबा गांव) और 40 वर्षीय पवन (निवासी दादुपुर गांव) 22 अक्टूबर को अपने घरों से निकले थे। दोनों का सपना था कि वे विदेश जाकर मेहनत करें और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारें। कोलकाता से एक एजेंट ने उनका टिकट बैंकॉक के लिए करवाया, जहां से उन्हें ईरान भेजा गया। वहीं से स्पेन तक की यात्रा शुरू हुई, लेकिन स्पेन पहुंचने से पहले ही दोनों डोंकरों के चंगुल में फंस गए। बंधकों को बुरी तरह पीटने के बाद आरोपियों ने वीडियो बनाकर परिवारों को भेज दिया।

परिजनों का आरोप है कि पहले 9 लाख रुपए, फिर 13 लाख रुपए और अब 20 लाख रुपए की फिरौती मांगी जा रही है। फोन पर धमकी दी गई कि अगर एक घंटे में पैसे नहीं भेजे तो दोनों की किडनियां निकाल ली जाएंगी। परिवारों ने यह वीडियो लेकर करनाल एसपी कार्यालय का रुख किया, लेकिन एसपी से मुलाकात न होने पर उन्होंने सदर थाना में शिकायत दी।

ऋतिक के भाई अंकित ने बताया कि ऋतिक लंबे समय से विदेश जाना चाहता था। वह बस्तली गांव के मनीष नाम के एजेंट और जड़ौला गांव के अंकुश नाम के एजेंट के संपर्क में आया था। दोनों ने हर युवक से डेढ़-डेढ़ लाख यूरो नकद और तीन-चार लाख रुपए एजेंट फीस के रूप में लिए थे। विदेश जाने से पहले सब कुछ सामान्य था, लेकिन अब कोई एजेंट फोन नहीं उठा रहा।

परिजनों ने बताया कि दो दिन पहले तक उनसे बात हो रही थी, वे डरे हुए थे और रो-रोकर बता रहे थे कि उन्हें बेरहमी से पीटा जा रहा है। इसके बाद से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा। एजेंटों ने अब फोन बंद कर लिए हैं। परिवारों का कहना है कि प्रशासन तुरंत हस्तक्षेप करे क्योंकि दोनों की जान खतरे में है।

पवन का परिवार इस घटना से टूट चुका है। उसकी 14 वर्षीय बेटी रो-रोकर पिता को वापस लाने की गुहार लगा रही है। उसके भाई प्रवीन कुमार ने बताया कि पवन कई सालों से विदेश जाने की कोशिश कर रहा था और अंततः एजेंटों के कहने पर यह जोखिम भरा कदम उठाया। परिवार के पास अब केवल ईरान के तेहरान से भेजे गए वीडियो और लोकेशन हैं।

जब इस मामले पर एजेंट मनीष से संपर्क किया गया तो उसने खुद को निर्दोष बताया और कहा कि उसने किसी को नहीं भेजा। उसका दावा है कि ये युवक कोलकाता में किसी और के संपर्क में आ गए थे।

करनाल सदर थाना प्रभारी तरसेम चंद ने बताया कि दोनों परिवारों की शिकायत मिल चुकी है। युवकों को ईरान में फंसे होने और फिरौती की मांग के दस्तावेज पुलिस के पास हैं। मामले को साइबर और विदेश मंत्रालय के माध्यम से ट्रेस करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि दोषियों और एजेंटों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।