हरियाणा में अब ग्रुप-D उम्मीदवारों की होगी बायोमेट्रिक जांच, विभागों से मांगा गया डेटा

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने ग्रुप-D (कॉमन कैडर) कर्मचारियों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराने का फैसला लिया है। आयोग ने सभी विभागों से कर्मचारियों का डेटा मांगा है ताकि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जा सके।

हरियाणा में अब ग्रुप-D उम्मीदवारों की होगी बायोमेट्रिक जांच, विभागों से मांगा गया डेटा

HSSC करेगा ग्रुप-D उम्मीदवारों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन
सभी विभागों से मांगा गया डेटा, जल्द शुरू होगी प्रक्रिया
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और शिकायतों से बचाव के लिए उठाया कदम


चंडीगढ़। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने राज्य में नियुक्त किए गए ग्रुप-D (कॉमन कैडर) उम्मीदवारों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराने का बड़ा निर्णय लिया है। आयोग का कहना है कि यह कदम भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और भविष्य में शिकायतों या मुकदमेबाजी से बचाव के लिए उठाया गया है।

आयोग ने सभी संबंधित विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों और उपायुक्तों से नव चयनित ग्रुप-D कर्मचारियों की जानकारी मांगी है, ताकि सत्यापन प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जा सके। इसके लिए मानव संसाधन विभाग की ओर से भी पत्र जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि अपने-अपने कार्यालयों में कार्यरत ग्रुप-D कर्मचारियों (कॉमन कैडर) का विवरण तत्काल HSSC के सचिव कार्यालय को भेजें।

हरियाणा में इन पदों पर नियुक्तियां अगस्त 2025 में पूर्ण की गई थीं। आयोग ने इस प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न करने के लिए तकनीकी उपायों को अपनाने का निर्णय लिया है। बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन से यह सुनिश्चित होगा कि चयनित उम्मीदवार वही हैं जिन्होंने परीक्षा दी थी, और किसी प्रकार का फर्जीवाड़ा या डुप्लीकेट ज्वाइनिंग नहीं हो रही।

HSSC ने 30 मई 2023 को ग्रुप-D के 13,536 पदों के लिए आवेदन मांगे थे। आवेदन की अंतिम तिथि 20 जून 2023 तय की गई थी। भर्ती पूरी होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों को संबंधित मंडल आयुक्तों और उपायुक्तों के दफ्तरों में ज्वाइन करने के आदेश जारी किए गए थे। बाद में इनके पोस्टिंग ऑर्डर HkCL पोर्टल के माध्यम से जारी किए गए।

सूत्रों के अनुसार, आयोग की मंशा है कि भविष्य में भर्ती प्रक्रिया पर कोई सवाल न उठे और HSSC की विश्वसनीयता बनी रहे। इस वेरिफिकेशन से यह भी तय होगा कि किसी उम्मीदवार ने फर्जी दस्तावेज़ या पहचान का उपयोग तो नहीं किया। विभागीय अधिकारियों को जल्द से जल्द डेटा भेजने के निर्देश दिए गए हैं ताकि सत्यापन की प्रक्रिया अगले कुछ हफ्तों में पूरी की जा सके।