रोहतक में इनेलो का विरोध प्रदर्शन, किसानों की फसलें बर्बाद, प्रशासन पर बरसे चौटाला
रोहतक में खेतों में जलभराव और फसलों के नुकसान से परेशान किसानों की आवाज उठाने के लिए इनेलो सुप्रीमो अभय चौटाला ने डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। चेतावनी के बाद डीसी मौके पर पहुंचे और ज्ञापन लिया।
➤ रोहतक में खेतों में जलभराव से फसलें बर्बाद, किसानों की समस्या पर इनेलो का जोरदार प्रदर्शन
➤ अभय चौटाला ने डीसी को दी चेतावनी—आधे घंटे में ज्ञापन नहीं लिया तो याद रखना हमारी याददाश्त बहुत अच्छी है
➤ डीसी सचिन गुप्ता मौके पर पहुंचे, अभय चौटाला से ज्ञापन लिया और राज्यपाल तक पहुंचाने का आश्वासन दिया
लगातार बारिश के कारण खेतों में जलभराव और फसलों के नुकसान से परेशान किसानों की आवाज उठाने के लिए इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने सोमवार को डीसी कार्यालय के बाहर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला ने किया। उन्होंने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए डीसी को सख्त चेतावनी दी कि अगर आधे घंटे में ज्ञापन लेने नहीं आए तो याद रखना, "हमारी याददाश्त बहुत अच्छी है।" इस चेतावनी के बाद डीसी सचिन गुप्ता खुद मौके पर पहुंचे और अभय चौटाला से ज्ञापन लेकर किसानों की समस्या राज्यपाल तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
अभय चौटाला ने कहा कि पूरे प्रदेश में खेतों के अंदर पानी भरा हुआ है, फसलें पूरी तरह खराब हो चुकी हैं। सरकार और प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। किसानों की स्थिति बेहद खराब है। उन्होंने कहा कि इनेलो किसानों की आवाज है और जब तक खेतों से पानी की निकासी नहीं होती, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। चौटाला ने प्रशासन पर तंज कसते हुए कहा कि डीसी को किसानों या जनता की कोई चिंता नहीं, एडीसी और एसडीएम को ज्ञापन लेने भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि "डीसी साहब को यह नहीं भूलना चाहिए कि वो जनता के नौकर हैं, बॉस नहीं। जनता के खून-पसीने की कमाई से ही अफसरों की तनख्वाह चलती है।"
गांव चमारिया के सरपंच प्रतिनिधि स्वराज हुड्डा ने कहा कि किसानों के खेतों में पानी इतना भरा है कि अगली फसल की बिजाई तक संभव नहीं है। वहीं, इनेलो के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष इंद्र सिंह ने बताया कि प्रशासन ने एक महीने पहले नोटिस मिलने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की। अब किसानों की हालत बिगड़ चुकी है। अगर सरकार ने इस समस्या का समाधान नहीं किया, तो पार्टी को मजबूरन अगला बड़ा आंदोलन करना पड़ेगा।
प्रदेश उपाध्यक्ष बलवान सुहाग ने कहा कि जब अन्नदाता दुखी होता है, तो देश की तरक्की रुक जाती है। फसलों की खरीद एमएसपी पर नहीं हो रही, मुआवजा नहीं दिया जा रहा, और खेतों में पानी निकालने की कोई योजना नहीं बनाई गई। ऐसे में सरकार का किसानों के प्रति रवैया असंवेदनशील है।
प्रदर्शन से पहले सभी इनेलो कार्यकर्ता मानसरोवर पार्क में एकत्रित हुए और जलभराव, भावांतर योजना और फसल खरीद में हो रही धांधलियों को लेकर नारेबाजी की। बाद में जुलूस के रूप में डीसी ऑफिस पहुंचे। वहाँ प्रशासन के खिलाफ जबरदस्त नारे लगे। अंततः अभय चौटाला की चेतावनी के बाद डीसी खुद बाहर आए और ज्ञापन लेकर किसानों की समस्याओं पर जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया।
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