हरियाणा में पहला नेवी बेस 'INS अरावली' का उद्घाटन आज, हिंद महासागर पर AI से होगी पैनी नजर
INS अरावली भारत का पहला AI बेस, गुरुग्राम में बना। हिंद महासागर में दुश्मन की हर हलचल पर निगरानी। अंतरराष्ट्रीय सहयोग व समुद्री सुरक्षा के लिए अहम कदम।
➤ हरियाणा के गुरुग्राम में बना भारत का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस INS अरावली
➤ हिंद महासागर में दुश्मन की हर हलचल पर रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी
➤ 25 देशों के 43 मल्टीनेशनल सेंटर से लाइव फीड, गैरकानूनी गतिविधियों पर कड़ी नजर
भारत ने चीन की बढ़ती गतिविधियों के बीच अपनी समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए हरियाणा के गुरुग्राम में अरावली पहाड़ियों में नेवी बेस INS अरावली तैयार किया है। आज इस बेस का औपचारिक रूप से नेवी में शामिल होने का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस समारोह की अध्यक्षता नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी करेंगे। INS अरावली का मुख्य उद्देश्य हिंद महासागर में दुश्मन देशों की हर गतिविधि पर रियल टाइम निगरानी रखना और भारत के समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा को मजबूत बनाना है।
➤ रियल टाइम मॉनिटरिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक
INS अरावली से हिंद महासागर में मौजूद हर शिप, पनडुब्बी और संदिग्ध मूवमेंट की जानकारी सेकेंडों में भारतीय नेवी तक पहुंचाई जाएगी। बेस में आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और बिग डेटा एनालिसिस सिस्टम इंस्टॉल किए गए हैं, जिससे यह तय करना आसान होगा कि कौन सा जहाज मित्र देश का है और कौन संदिग्ध। दुश्मन के खतरनाक संकेत मिलने पर तुरंत कमांड सेंटर को अलर्ट किया जाएगा।
➤ अंतरराष्ट्रीय सहयोग से डेटा फीड
INS अरावली 25 देशों के 43 मल्टीनेशनल सेंटर से लगातार लाइव फीड प्राप्त करता रहेगा। अमेरिका, फ्रांस, जापान, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन जैसे देशों से भी फीड जुड़ा हुआ है। इससे न केवल भारत को समुचित जानकारी मिलेगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर आपातकालीन सहयोग की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
➤ गैरकानूनी गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी
INS अरावली समुद्री डकैती, आतंकवाद, मानव तस्करी, ड्रग्स की तस्करी और अवैध मछली पकड़ने (IUU फिशिंग) जैसी गैरकानूनी गतिविधियों पर भी प्रभावी निगरानी रखेगा। यह बेस भारतीय नौसेना के कम्युनिकेशन, कंट्रोल और मेरीटाइम डोमेन अवेयरनेस (MDA) के क्षेत्र में एक नया आयाम जोड़ेगा।
➤ रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान
गुरुग्राम में अरावली पर्वत श्रृंखला पर बना INS अरावली भारतीय नौसेना के लिए रणनीतिक रूप से अहम है। यह दिल्ली से नजदीक है और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी भी अच्छी है। अरावली की पहाड़ियां व जंगल सुरक्षा को सुनिश्चित करती हैं। मौजूदा IMAC और IFC-IOR सेंटर से अलग यह नया बेस आधुनिक टेक्नोलॉजी पर आधारित है और NC3I नेटवर्क के लिए नोडल सेंटर के रूप में काम करेगा। भविष्य में इसे मल्टी-एजेंसी एनडीएमए सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा।
➤ INS अरावली का प्रतीकात्मक महत्व
INS अरावली का लोगो अरावली पर्वत श्रृंखला का प्रतीक है, जिसमें उगता सूरज सतर्कता, ऊर्जा और लचीलेपन का संदेश देता है। इसका आदर्श वाक्य "सामुद्रिक सुरक्षायाः सहयोगं" भारतीय नौसेना की सामूहिक सुरक्षा में सहयोगात्मक भूमिका को दर्शाता है। यह बेस भारत की समुद्री ताकत को और मजबूती देने के लिए स्थापित किया गया है।