क्यों IPS वाई पूरन कुमार से नाराज थे अफसर, खबर में पढ़ें बड़ा खुलासा
हरियाणा के IPS वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में DGP शत्रुजीत कपूर और रोहतक SP समेत 14 अफसरों पर FIR दर्ज। परिवार ने पोस्टमॉर्टम की अनुमति दी। सूत्रों के अनुसार, पूरन की मेन पोस्टिंग से नाराज थे बड़े अफसर।
➤ तीन मुख्य बिंदु
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चंडीगढ़ पुलिस ने देर रात दर्ज की FIR, DGP समेत 14 अफसर आरोपी
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परिवार ने पोस्टमॉर्टम की अनुमति दी, मेडिकल बोर्ड PGI के डॉक्टरों का होगा
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सूत्र: पूरन कुमार की मेन पोस्टिंग से नाराज थे कई वरिष्ठ अफसर
हरियाणा के सीनियर IPS अफसर वाई पूरन कुमार सुसाइड केस ने राज्य की ब्यूरोक्रेसी में भूचाल ला दिया है। चंडीगढ़ पुलिस ने डीजीपी शत्रुजीत कपूर, रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया समेत 14 अफसरों के खिलाफ FIR नंबर 156 दर्ज कर ली है। यह केस भारत न्याय संहिता (BNS) की धारा 108, 3(5) और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(r) के तहत दर्ज किया गया है।
पूरन कुमार के परिवार ने पहले कार्रवाई न होने तक पोस्टमॉर्टम से इंकार कर दिया था, लेकिन अब FIR दर्ज होने के बाद परिवार ने अनुमति दे दी है। शुक्रवार को PGI के डॉक्टरों का मेडिकल बोर्ड पोस्टमॉर्टम करेगा। यह हरियाणा के इतिहास में पहली बार है जब राज्य के DGP और इतने सीनियर अफसरों पर एक साथ FIR हुई है।
पूरन कुमार ने 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित अपने घर में खुद को गोली मार ली थी। उनके सुसाइड नोट में 15 IAS-IPS अफसरों के नाम दर्ज थे। परिवार का आरोप है कि पूरन कुमार को जातीय भेदभाव और लंबे समय से प्रशासनिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा था।
जानकारी के मुताबिक, पूरन कुमार को रोहतक रेंज के IG पद की मेन पोस्टिंग मिलने के बाद कई अफसर नाराज थे। उन्हें लगातार नॉन-कैडर पोस्टिंग पर भेजा जाता रहा। एक वरिष्ठ IAS अफसर के अनुसार, पूरन को पहले IG होमगार्ड और फिर IG टेलीकम्युनिकेशन बनाया गया था, जिसे “साइड पोस्टिंग” माना जाता है। अप्रैल 2025 में उन्होंने मेहनत से रोहतक IG की पोस्ट पाई, लेकिन पांच महीने में ही सुनारिया पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में भेज दिया गया।
इस बदलाव के बाद से पूरन कुमार मानसिक दबाव में थे। 7 अक्टूबर की सुबह उन्होंने सुसाइड नोट लिखा, जिसमें कई वरिष्ठ अफसरों पर जातिगत अपमान, धमकी और प्रताड़ना के आरोप लगाए। उनकी पत्नी और IAS अफसर अमनीत पी. कुमार ने दो रिप्रेजेंटेशन दीं — एक में केवल DGP और SP के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जबकि दूसरी में सभी 15 अफसरों की गिरफ्तारी की।
FIR दर्ज होने के बाद SC समुदाय से जुड़े IAS, IPS और HCS अफसरों ने परिवार के समर्थन में खुलकर साथ दिया है। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक सुसाइड नहीं, बल्कि सिस्टम में छिपे जातिगत भेदभाव का परिणाम है।
सरकार की ओर से सीएम नायब सैनी ने परिवार से मुलाकात कर जांच का भरोसा दिया है। सूत्रों के अनुसार, सरकार जल्द ही DGP शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेजने और SP नरेंद्र बिजारणिया को हटाने का आदेश जारी कर सकती है।
Akhil Mahajan