बाबा भूतनाथ मठ में नीलकंठ महादेव का अलौकिक स्वरूप प्रकट

कालिंजर स्थित बाबा भूतनाथ मठ मंदिर में नीलकंठ महादेव का अलौकिक स्वरूप देखने को मिला। माखन पर उकेरे शिव रूप और शिवलिंग से रिसते पसीने ने श्रद्धालुओं की आस्था बढ़ाई।

बाबा भूतनाथ मठ में नीलकंठ महादेव का अलौकिक स्वरूप प्रकट

बाबा भूतनाथ मठ मंदिर में चौथे दिन नीलकंठ महादेव का अलौकिक स्वरूप
माखन पर उकेरा गया शिव का दिव्य रूप, प्राकृतिक जलस्रोत से अभिषेक
शिवलिंग से पसीना रिसने का अद्भुत चमत्कार, श्रद्धालुओं की बढ़ी आस्था



बुंदेलखंड के ऐतिहासिक कालिंजर किले में स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर आस्था, इतिहास और स्थापत्य का अद्भुत संगम माना जाता है। यह मंदिर अपनी प्राचीन विरासत और पौराणिक मान्यताओं के कारण देशभर में प्रसिद्ध है।

मान्यता है कि विषपान के पश्चात भगवान शिव ने इसी स्थान पर तपस्या की थी। इसी तपस्या के दौरान उनका कंठ नीला पड़ गया, जिसके बाद वे नीलकंठ महादेव कहलाए। इस स्मृति में यहां शिवलिंग की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।

चंदेल शासकों द्वारा निर्मित इस मंदिर की एक विशेषता यह है कि आज भी यहां प्राकृतिक जलस्रोत से शिवलिंग का नियमित अभिषेक होता है। निरंतर गिरती जलधारा को श्रद्धालु दिव्य संकेत के रूप में देखते हैं।

महाशिवरात्रि 2026 के अवसर पर बाबा भूतनाथ मठ मंदिर में भगवान शिव का स्वरूप माखन पर उकेरा गया है। इस अलौकिक रूप को देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो रहे हैं। चौथे दिन भी यहां शिवलिंग से पसीना रिसने का अद्भुत चमत्कार देखने को मिला।

भक्तों का मानना है कि शिवलिंग से रिसता पसीना महादेव की जीवंत उपस्थिति का प्रमाण है। इसी गहरी आस्था के कारण दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं और मंदिर परिसर हर हर महादेव के जयकारों से गूंज रहा है।

बताया गया है कि महाशिवरात्रि तक बाबा भूतनाथ पर चढ़े माखन रूपी घृतकंबल पर देशभर के देवी-देवताओं के अलौकिक स्वरूप भी उकेरे जाएंगे।