करनाल चीनी मिल में एमडी समेत 11 अधिकारी-कर्मचारी गैरहाजिर, औचक निरीक्षण में सहकारिता मंत्री ने पकड़ी बड़ी लापरवाही

करनाल सहकारी चीनी मिल में औचक निरीक्षण के दौरान एमडी समेत 11 अधिकारी-कर्मचारी गैरहाजिर पाए गए। सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने कारण बताओ नोटिस जारी कर सड़क रिपेयर के निर्देश दिए।

करनाल चीनी मिल में एमडी समेत 11 अधिकारी-कर्मचारी गैरहाजिर, औचक निरीक्षण में सहकारिता मंत्री ने पकड़ी बड़ी लापरवाही
  • करनाल चीनी मिल में एमडी समेत 11 अधिकारी-कर्मचारी गैरहाजिर, कारण बताओ नोटिस जारी

  • औचक निरीक्षण में सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने व्यवस्थाओं की जांच की

  • किसानों से फीडबैक लेकर जर्जर सड़क की तुरंत रिपेयर के निर्देश



करनाल सहकारी चीनी मिल में औचक निरीक्षण के दौरान बड़ी प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है। सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने निरीक्षण के दौरान मिल प्रबंधन निदेशक समेत 11 अधिकारी-कर्मचारी गैरहाजिर पाए जाने पर सभी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पेराई सीजन किसानों के लिए त्यौहार जैसा होता है और इस दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

शनिवार दोपहर चंडीगढ़ से गोहाना लौटते समय सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा मेरठ रोड स्थित करनाल सहकारी चीनी मिल पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने मिल परिसर में मौजूद किसानों से सीधे संवाद किया और उनसे व्यवस्थाओं को लेकर फीडबैक लिया। किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली से गन्ना लाने वाले रास्ते की हालत खराब होने की शिकायत की। इस पर मंत्री ने संबंधित विभाग को तुरंत सड़क की स्पेशल रिपेयर करवाने के निर्देश दिए।

इसके बाद कैबिनेट मंत्री प्रशासनिक परिसर पहुंचे, जहां जांच के दौरान मिल प्रबंध निदेशक एचसीएस अदिति, तीन स्थायी और आठ अस्थायी अधिकारी-कर्मचारी ड्यूटी से गैरहाजिर मिले। मंत्री ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए तुरंत कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए और कहा कि जिम्मेदारी से भागने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान सहकारिता मंत्री ने गन्ना पेराई की प्रक्रिया का जायजा लिया और मिल अधिकारियों व कर्मचारियों से कार्यप्रणाली को लेकर फीडबैक लिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली सरकार गन्ना किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सरकार ने अगेती किस्म के गन्ने का भाव 415 रुपये प्रति क्विंटल और पछेती किस्म का भाव 408 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, जिससे किसानों में उत्साह है।

डॉ अरविंद शर्मा ने कहा कि किसानों को मिल परिसर में किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। रेस्ट हाउस, अटल कैंटीन और अन्य बुनियादी सुविधाएं सुचारू रूप से संचालित रहनी चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मिल परिसर में कार्यरत श्रमिकों के आर्थिक हितों के साथ किसी प्रकार की कोताही न बरती जाए।

कैबिनेट मंत्री ने मिल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जवाबदेही तय की जाएगी। इसी क्रम में उन्होंने सोमवार को करनाल सहकारी चीनी मिल से संबंधित सभी रिकॉर्ड चंडीगढ़ कार्यालय में तलब किए हैं। इसके लिए लेखापाल को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।