बारिश में तिरपाल के नीचे अंतिम संस्कार
करनाल जिले के गांव ब्रास में श्मशानघाट पर शेड न होने से ग्रामीणों को बारिश में तिरपाल पकड़कर अंतिम संस्कार करना पड़ा। ग्रामीणों ने पंचायत और सरपंच पर लापरवाही के आरोप लगाए। बीडीपीओ ने आश्वासन दिया कि जल्द शेड और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
➤ करनाल जिले के ब्रास गांव में श्मशानघाट पर शेड न होने से ग्रामीणों ने बारिश में तिरपाल पकड़कर दी मुखाग्नि
➤ ग्रामीणों ने पंचायत और सरपंच पर मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी का लगाया आरोप
➤ बीडीपीओ ने सरपंच को फटकार लगाई, जल्द शेड और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन
करनाल जिले के गांव ब्रास से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां अमूपुर रोड पर बने श्मशानघाट में शेड न होने के कारण अंतिम संस्कार के दौरान ग्रामीणों को मजबूरी में चिता पर तिरपाल तानकर मुखाग्नि देनी पड़ी।
गांव के निवासी संजय की अचानक मौत हो गई थी। स्वजन जब बारिश थमने के बाद श्मशान पहुंचे और जैसे ही चिता को मुखाग्नि दी गई, आसमान फिर से बरस पड़ा। मजबूरन परिजनों और ग्रामीणों को घंटों तिरपाल पकड़कर शव के पास खड़े रहना पड़ा। इस तरह का मंजर किसी भी शोक संतप्त परिवार के लिए पीड़ा को और गहरा कर देने वाला है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह श्मशान सैकड़ों साल पुराना है, लेकिन आज तक यहां शेड, चाहरदीवारी, बरामदा और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। पंचायत प्रशासन द्वारा लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद ब्रास का श्मशान आज भी सुविधाओं से वंचित है।
गांव की दो पंचायतें ब्रास खुर्द और ब्रास कलां हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार से करोड़ों रुपये की ग्रांट विकास कार्यों के लिए जारी की गई थी, लेकिन उसका इस्तेमाल कहां हुआ, यह जांच का विषय है। गांव की सफाई व्यवस्था भी बदहाल है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम सरपंच पूरी तरह अनदेखी कर रहा है और प्रशासन की छवि धूमिल करने में ही व्यस्त है। इससे गांव के लोग खासे नाराज हैं।
बीडीपीओ शिखा ने कहा कि यह समस्या उनके संज्ञान में नहीं थी। उन्होंने ड्यूटी हाल ही में ज्वाइन की है। मामला सामने आते ही सरपंच को फटकार लगाई गई है। मौसम खुलते ही श्मशान में कमरा और शेड का निर्माण करवाने का आश्वासन दिया गया है। साथ ही अन्य ग्राम पंचायतों की भी जांच होगी और जहां सुविधाएं नहीं हैं, वहां निर्माण कार्य तुरंत शुरू किए जाएंगे।
Akhil Mahajan