टीका रस्म में विधायक फरटिया परिवार ने दी सादगी की मिसाल — सिर्फ एक रुपया और नारियल लिया
लोहारू में कांग्रेस विधायक राजबीर फरटिया के बेटे की शादी में टीका रस्म के दौरान केवल एक रुपया और नारियल स्वीकार किया गया। इस सादगी ने समारोह को विशेष बना दिया और समाज को परंपरा व संस्कार का सुंदर संदेश दिया।
➤ टीका रस्म में सादगी की मिसाल बनी विधायक फरटिया के बेटे की शादी
➤ केवल एक रुपया और नारियल लेकर दिया परंपरा और संस्कार का संदेश
➤ राजनीतिक भव्यता के बीच सादगी का चमकता उदाहरण बनी लोहारू की शादी
आज के दौर में जहां शादियों में दिखावा और खर्च का शोर सबसे ज्यादा है, वहीं हरियाणा के कांग्रेस विधायक राजबीर फरटिया के बेटे योगेश फरटिया की शादी ने समाज को एक सादगी भरा संदेश दिया है। लोहारू में आयोजित टीका रस्म में विधायक परिवार ने केवल एक रुपया और नारियल स्वीकार किया। इस प्रतीकात्मक कदम से फरटिया परिवार ने परंपरा, संस्कार और सामाजिक मर्यादाओं की मिसाल पेश की है।
भिवानी जिले के लोहारू की मंडी में 5 एकड़ में सजा पंडाल हजारों मेहमानों से खचाखच भरा रहा। लेकिन टीका रस्म के दौरान जो दृश्य सामने आया, उसने सबका दिल जीत लिया। विधायक परिवार ने स्पष्ट कहा — “रिश्ते दिल से बनते हैं, पैसों से नहीं।” इसी भाव के साथ रस्म निभाई गई और सभी अतिथियों ने इस सादगी की सराहना की।
सादगी में छिपा संस्कार का भाव
राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों से भरे समारोह में यह दृश्य देखने लायक था। भूपेंद्र सिंह हुड्डा, दीपेंद्र हुड्डा, हरविंदर कल्याण, और अन्य नेताओं की मौजूदगी में जब टीका रस्म हुई, तब परिवार ने सिर्फ एक रुपया और नारियल लेकर कहा कि “यह हमारी भारतीय परंपरा का सम्मान है।”
विधायक फरटिया ने कहा कि यह विवाह केवल दो परिवारों का नहीं बल्कि पूरे हलके के लोगों का उत्सव है। इसलिए इसमें सादगी, अपनापन और एकता का भाव रखा गया है।
भव्यता और सादगी का संगम
हालांकि पूरा कार्यक्रम शानदार और व्यवस्थित रहा — 90 हजार लोगों के लिए भोजन, 5 हजार वेटर, और 800 सिक्योरिटी गार्डों की तैनाती के बावजूद, फरटिया परिवार ने दिखा दिया कि भव्यता के बीच भी संस्कार जिंदा रह सकते हैं।
पंडाल में आने वाले हर मेहमान का विधायक ने खुद स्वागत किया और कहा — “शादी दिखावे का नहीं, दिल जोड़ने का अवसर है।”
परंपरा को सम्मान देने का संदेश
टीका रस्म की सादगी को देखकर कई पंचायत प्रतिनिधियों और अतिथियों ने कहा कि आज भी समाज में ऐसे उदाहरण दुर्लभ हैं। एक तरफ देश में करोड़ों की शादियों की खबरें आती हैं, वहीं लोहारू से यह सादगी भरा संदेश समाज को सोचने पर मजबूर करता है।
राजनीति में परिवार का नया संदेश
विधायक राजबीर फरटिया ने कहा कि राजनीति केवल सत्ता या पद का नाम नहीं, बल्कि जनता से जुड़े रहने का वादा है। उन्होंने कहा — “हमने चूल्हा न्योता इसलिए दिया क्योंकि जनता ही परिवार है।”
टीका रस्म में सादगी से यह भी स्पष्ट हुआ कि फरटिया परिवार राजनीति में भी संवेदनशीलता और संस्कार का पक्षधर है।
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