वन विभाग की टीम पर हमला किया और सरकारी कर्मचारियों को बंधक बनाया, जानें पूरा मामला
नारनौल में अवैध लकड़ी संग्रह की जांच करने गई वन विभाग की टीम पर हमला। वन रक्षक और चौकीदार को बंधक बनाकर मारपीट, मोबाइल-चाबी छीनी। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की।
➤ नारनौल में वन रक्षक और चौकीदार पर हमला
➤ अवैध लकड़ी संग्रह की जांच करने गए थे कर्मचारी
➤ हमलावरों ने मोबाइल-चाबी छीनी, बंधक बनाकर मारपीट की
नारनौल में वन विभाग की टीम पर हमला करने और सरकारी कर्मचारियों को बंधक बनाने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि अवैध लकड़ी संग्रह की जांच करने पहुंचे वन रक्षक और चौकीदार पर चार-पाँच लोगों ने बेरहमी से हमला किया, उन्हें बंधक बनाया और मोबाइल व गाड़ी की चाबी छीन ली।
मामला शेखपुरा गांव का है। वन रक्षक प्रवीण कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि गांव निवासी रूपचंद के घर के पास खाली प्लॉट में अवैध रूप से शीशम और रोहिडा सहित अन्य लकड़ियों का बड़ा संग्रह किया गया था। विभाग द्वारा पहले से इसकी जांच जारी थी और रूपचंद को लकड़ी को खुर्द-बुर्द न करने के निर्देश दिए गए थे।
शिकायत के अनुसार 4 दिसंबर की शाम करीब साढ़े छह बजे विभाग को सूचना मिली कि रूपचंद अवैध रूप से लकड़ी को ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर कहीं ले जा रहा है। इसके बाद वन रक्षक प्रवीण कुमार और चौकीदार रामौतार मौके पर पहुंचे।
आरोप है कि मौके पर पहुंचते ही रूपचंद और उसके साथ मौजूद 4-5 लोगों ने कर्मचारियों को घेर लिया, मारपीट की और मोबाइल फोन व वाहन की चाबी छीन ली। इसके बाद दोनों को काफी देर तक बंधक बनाकर रखा गया।
कर्मचारियों ने बताया कि हमलावरों ने बाद में मोबाइल और चाबी वापस कर तो दी, लेकिन झूठा आरोप लगाते हुए वीडियो बनाया कि कर्मचारी उनसे रुपये मांग रहे थे। वन विभाग का कहना है कि यह वीडियो वास्तविक घटना को उल्टा दिखाने की कोशिश है।
पुलिस ने सरकारी कर्मचारियों से मारपीट, बंधक बनाने और अवैध गतिविधि को लेकर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द गिरफ्तारी की संभावना जताई गई है। घटना से पूरे विभाग में रोष है और कर्मचारियों ने सुरक्षा की मांग की है।
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