ड्यूटी में लापरवाही पर तीन पुलिसकर्मी बर्खास्त और एक सस्पेंड
रेवाड़ी के मॉडल टाउन थाने में हत्या के आरोपी विनोद ने लॉकअप में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। लापरवाही पर तीन पुलिसकर्मी बर्खास्त और एक सस्पेंड। परिवार ने सरकार से मुआवजे की मांग की।
- थाने के लॉकअप में हत्यारोपी विनोद ने की आत्महत्या
- ड्यूटी में लापरवाही पर तीन पुलिसकर्मी बर्खास्त और एक सस्पेंड
- परिवार ने मुआवजे और इलाज के लिए सरकार से लगाई गुहार
हरियाणा के रेवाड़ी जिले के मॉडल टाउन थाना परिसर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। हत्या के आरोप में थाने के लॉकअप में बंद आरोपी विनोद कुमार ने आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और थाने में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामला शनिवार रात का है जब विनोद और उसके साथी सन्नी यादव को अदालत में पेश करने के बाद रिमांड पर थाने के लॉकअप में रखा गया था। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार रविवार सुबह लगभग 4 बजकर 7 मिनट पर विनोद ने कंबल की कतरन से फंदा लगाकर जान दे दी। उस समय लॉकअप में मौजूद सन्नी चादर ओढ़कर सो रहा था और उसे घटना का आभास तक नहीं हुआ।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। रात में ड्यूटी पर तैनात मुंशी सिपाही वेद प्रकाश को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं लॉकअप सुरक्षा में लापरवाही बरतने पर होमगार्ड सुरेश और एसपीओ सतीश को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। इसके अलावा जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर राजेश के खिलाफ विभागीय जांच भी खोल दी गई है।
विनोद के परिवार की स्थिति बेहद दयनीय है। वह परिवार का इकलौता बेटा था। उसके माता-पिता पहले ही गुजर चुके थे। उसकी पत्नी कैंसर पीड़ित है और इलाज वही करवा रहा था। उसकी दो छोटी बेटियां हैं, जिनका भविष्य अब संकट में पड़ गया है। परिवार के रिश्तेदार शुभम ने कहा कि विनोद की मौत के बाद पत्नी का इलाज बंद हो गया है। यदि इलाज नहीं हुआ तो बच्चियों का जीवन अंधकारमय हो जाएगा। परिवार ने सरकार से मुआवजा और आर्थिक सहयोग की मांग की है।
पुलिस जांच से सामने आया कि विनोद और सन्नी यादव ने 2 सितंबर को अपने साथी राकेश वर्मा की हत्या कर दी थी। तीनों एक ही कमरे में किराए पर रहते थे और आर्थिक तंगी के चलते किराये का विवाद चल रहा था। मकान खाली कराने की जिम्मेदारी राकेश पर डालते हुए दोनों आरोपियों ने गुस्से में उसकी हत्या कर दी। शराब पीने के बाद हुए झगड़े में पहले गला दबाया गया और फिर चेहरे पर पत्थर से वार कर दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि घटना की पूरी जिम्मेदारी संबंधित पुलिसकर्मियों पर है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। विभाग इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर रहा है।
Akhil Mahajan