सपना चौधरी को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, पासपोर्ट रिन्यू को मिली मंजूरी

हरियाणवी डांसर सपना चौधरी को हाईकोर्ट से राहत मिली है। पासपोर्ट रिन्यू के लिए NOC जारी होगी और पासपोर्ट 10 साल के लिए वैध रहेगा।

सपना चौधरी को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, पासपोर्ट रिन्यू  को मिली मंजूरी
  • सपना चौधरी को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, पासपोर्ट रिन्यू की NOC मंजूर
  • 10 साल की अवधि के लिए पासपोर्ट नवीनीकरण का आदेश
  • ट्रायल कोर्ट की रोक को लखनऊ बेंच ने किया रद्द


हरियाणवी डांसर और कलाकार सपना चौधरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने सपना चौधरी के पासपोर्ट रिन्यू के लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी करने के आदेश दिए हैं। साथ ही उनके पासपोर्ट को 10 साल की अवधि के लिए नवीनीकृत करने की अनुमति भी दे दी गई है।

इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने सपना चौधरी को पासपोर्ट रिन्यू के लिए एनओसी देने से इनकार कर दिया था। ट्रायल कोर्ट का तर्क था कि सपना ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उन्हें कब, क्यों और किस देश की यात्रा करनी है। इसी आधार पर एनओसी पर रोक लगा दी गई थी।

मामला वर्ष 2018 का है, जब लखनऊ में एक कार्यक्रम रद्द होने के बाद सपना चौधरी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया था। इस केस में उन्हें जमानत मिल चुकी है, लेकिन इसी कारण उनका पासपोर्ट लंबे समय से रिन्यू नहीं हो सका था।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि पासपोर्ट जारी न होना व्यक्ति के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। अदालत ने यह भी कहा कि पासपोर्ट जारी करना और बिना अनुमति देश छोड़ना, दोनों अलग-अलग विषय हैं। केवल आगामी यात्रा से जुड़े दस्तावेज जमा न करने के आधार पर एनओसी रोकी नहीं जा सकती।

कोर्ट ने यह भी माना कि किसी कलाकार या आम नागरिक को अनिश्चितकाल तक पासपोर्ट से वंचित रखना उचित नहीं है, खासकर तब जब उसके फरार होने की कोई आशंका न हो। अदालत ने सपना चौधरी की सामाजिक पहचान, पारिवारिक जिम्मेदारियों और भारत में स्थायी निवास को इस बात का संकेत माना कि उनके देश छोड़कर भागने का कोई खतरा नहीं है।

बताया गया कि जून 2024 में सपना चौधरी ने पासपोर्ट रिन्यू के लिए ट्रायल कोर्ट से एनओसी मांगी थी, जिसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने ट्रायल कोर्ट के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। जस्टिस पंकज भाटिया की बेंच ने सुनवाई के बाद ट्रायल कोर्ट का आदेश रद्द करते हुए सपना चौधरी को राहत दी।

सुनवाई के दौरान सपना की ओर से दलील दी गई कि वह दो बच्चों की मां हैं। उनका परिवार, संपत्ति और पूरा करियर भारत में है। ऐसे में उनके देश छोड़कर भागने का कोई सवाल ही नहीं उठता। हाईकोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार करते हुए एनओसी जारी करने के आदेश दिए।