राकेश टिकैत के दामाद के सरकारी आवास से साढ़े पांच लाख की नगदी और फाइलें चोरी

शामली सीएचसी अधीक्षक के सरकारी आवास से साढ़े पांच लाख रुपये की नकदी और फाइलें चोरी हुईं। पुलिस ने तीन टीमों को जांच में लगाया, जबकि राकेश टिकैत मौके पर पहुंचकर जल्द राजफाश की मांग की।

राकेश टिकैत के दामाद के सरकारी आवास से साढ़े पांच लाख की नगदी और फाइलें चोरी

➤ सीएचसी अधीक्षक के सरकारी आवास से साढ़े पांच लाख की नकदी और फाइल चोरी
➤ पुलिस ने जांच के लिए तीन टीमों का गठन किया
➤ राकेश टिकैत ने मौके पर पहुंचकर जल्द राजफाश की मांग की


 शामली जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के अधीक्षक के सरकारी आवास से साढ़े पांच लाख रुपये की नकदी और कई जरूरी सरकारी फाइलें चोरी होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने सीएचसी अधीक्षक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं।

जानकारी के अनुसार, डॉ. दीपक चौधरी, जो शामली सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक हैं, परिवार के साथ सीएचसी परिसर स्थित सरकारी आवास में रहते हैं। रविवार रात वह अपने पैतृक गांव माजरा (बुढ़ाना क्षेत्र) गए हुए थे। मंगलवार देर शाम जब वह वापस लौटे तो घर का सामान बिखरा पड़ा था। उन्हें तुरंत चोरी का संदेह हुआ। सूचना पर एएसपी संतोष कुमार सिंह, सीओ सिटी अमरदीप मौर्य, और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची।

फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की और कई साक्ष्य जुटाए। डॉ. दीपक की तहरीर पर देर रात मामला दर्ज कर लिया गया। प्रारंभिक जांच में सीएचसी के दो कर्मचारियों पर संदेह जताया गया था, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की, लेकिन बाद में छोड़ दिया गया।

बुधवार सुबह डॉ. दीपक दोबारा कोतवाली पहुंचे और पुलिस को बताया कि चोरी में ₹5.5 लाख नकद, सरकारी फाइलें और निजी दस्तावेज भी गायब हैं। जब पुलिस ने उनसे नकदी के हिसाब-किताब के बारे में पूछा तो वह नाराज हो गए और कोतवाली परिसर में ही कुर्सी पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनसे अभद्र भाषा में बात की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत खुद शामली पहुंचे। उन्होंने सीएचसी पहुंचकर डॉ. दीपक से पूरी घटना की जानकारी ली और थाना प्रभारी सचिन शर्मा से कहा कि चोरी का राजफाश जल्द किया जाए। टिकैत ने कहा कि सरकारी अधिकारी के घर चोरी होना बड़ी लापरवाही है और पुलिस को इसमें त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए।

थाना प्रभारी ने बताया कि तीन टीमों को सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय सूचना नेटवर्क और तकनीकी सर्विलांस के माध्यम से जांच का जिम्मा सौंपा गया है। पुलिस को जल्द ही चोरी के राजफाश की उम्मीद है।