सोनीपत निगम में प्रॉपर्टी आईडी घोटाला, 3 अधिकारी सस्पेंड, जानें पूरा मामला
नगर निगम सोनीपत में प्रॉपर्टी आईडी में बड़ी अनियमितताएं सामने आई हैं। 3 अधिकारी सस्पेंड किए गए हैं और 10 कर्मचारियों पर चार्जशीट की तैयारी है। अनप्रूड एरिया में फर्जी आईडी बनाने का खुलासा हुआ है।
- नगर निगम सोनीपत में प्रॉपर्टी आईडी घोटाले पर बड़ी कार्रवाई
- 3 अधिकारी सस्पेंड, 10 कर्मचारियों पर चार्जशीट की तैयारी
- अनप्रूड एरिया में बनाई गईं फर्जी प्रॉपर्टी आईडी
सोनीपत। नगर निगम सोनीपत में प्रॉपर्टी आईडी से जुड़ी बड़े पैमाने की अनियमितताओं को लेकर शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। 2020 से मार्च 2025 के बीच बनाई गई प्रॉपर्टी आईडी की जांच में गंभीर गड़बड़ियां सामने आने के बाद तीन अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि करीब 10 कर्मचारियों के खिलाफ चार्जशीट की तैयारी की जा रही है। कार्रवाई के बाद नगर निगम में हड़कंप मचा हुआ है।
विभाग को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि प्रॉपर्टी आईडी बनाने में नियमों की अनदेखी की जा रही है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यालय स्तर पर जांच कराई गई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि कई मामलों में लापरवाही और नियम विरुद्ध तरीके से आईडी जारी की गईं।
शिकायतों की जांच के लिए सितंबर माह में चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था। इस कमेटी की अध्यक्षता नगर निगम पानीपत के आयुक्त पंकज कुमार ने की। कमेटी को पांच वर्षों में बनी प्रॉपर्टी आईडी की जांच कर दो महीने में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए थे। इसके लिए नगर निगम सोनीपत से पिछले पांच साल का पूरा रिकॉर्ड भी मंगवाया गया।
कमेटी ने तय समय में जांच पूरी कर रिपोर्ट मुख्यालय को सौंप दी। रिपोर्ट के आधार पर जेडटीओ राजेंद्र चुघ, एसडीओ अभिषेक और तत्कालीन जेई नवरत्न को निलंबित करने के आदेश जारी किए गए। साथ ही नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिए गए हैं कि लगभग 10 अन्य कर्मचारियों को चार्जशीट किया जाए।
जांच में सामने आया कि अनप्रूड एरिया में भी बड़ी संख्या में प्रॉपर्टी आईडी बना दी गईं। कई मामलों में रिकॉर्ड में एरिया को अप्रूव दिखाया गया, लेकिन मौके पर जांच करने पर वह अनप्रूड निकला। जबकि विभागीय निर्देश साफ हैं कि अनप्रूड एरिया में किसी भी प्लॉट की प्रॉपर्टी आईडी नहीं बनाई जानी चाहिए।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि फर्जी और गलत तरीके से बनी प्रॉपर्टी आईडी के आधार पर अवैध कॉलोनियों में जमीन की खरीद-फरोख्त की गई। नियमों की अनदेखी कर लोगों को सीधा फायदा पहुंचाया गया, जिससे सरकारी सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, 2019 में याशी कंपनी द्वारा किए गए सर्वे के समय नगर निगम क्षेत्र में करीब 1.40 लाख प्रॉपर्टी आईडी दर्ज थीं। 2022 में सर्वे पूरा होने के बाद यह संख्या बढ़कर 1.70 लाख हो गई। इसके बाद नई आईडी और सुधार के चलते संख्या लगातार बढ़ती रही।
वर्तमान में नगर निगम रिकॉर्ड में करीब 1.98 लाख प्रॉपर्टी आईडी दर्ज हैं। इस तरह छह वर्षों में लगभग 58 हजार नई प्रॉपर्टी आईडी जुड़ी हैं। इनमें से करीब 62 हजार प्रॉपर्टी आईडी ऐसी हैं, जिनके मालिकों का नाम रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं है और निगम उन्हें तलाशने में असमर्थ है।
शहरी स्थानीय निकाय विभाग की इस कार्रवाई के बाद नगर निगम सोनीपत में अफसरों और कर्मचारियों में खलबली मची हुई है। विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि आगे भी जांच जारी रहेगी और दोषियों के खिलाफ और सख्त कदम उठाए जाएंगे।
Akhil Mahajan