सोनीपत में सरपंच को जातिसूचक गालियां और धमकी देनें के आरोपों पर भाजपा नेता पर केस
सोनीपत के खेवड़ा गांव में सरपंच बहादुर सिंह ने भाजपा मंडल अध्यक्ष जोगिंद्र और उसके चाचा बलराम पर जातिसूचक गालियां देने और हत्या की धमकी का आरोप लगाया। पुलिस ने SC/ST एक्ट और BNS की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
➤ सोनीपत के खेवड़ा गांव में सरपंच को जातिसूचक गालियां और जान से मारने की धमकी
➤ भाजपा मंडल अध्यक्ष जोगिंद्र उर्फ शेखर और चाचा बलराम पर मुकदमा दर्ज
➤ SC/ST एक्ट और BNS की धाराओं में केस, जांच ACP मुरथल को सौंपी गई
सोनीपत जिले के खेवड़ा गांव में सरपंच बहादुर सिंह के साथ मारपीट, जातिसूचक गालियां और हत्या की धमकी देने का गंभीर मामला सामने आया है। सरपंच ने इस संबंध में पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी थी, जिसके बाद बहालगढ़ थाना पुलिस ने भाजपा के मंडल अध्यक्ष जोगिंद्र उर्फ शेखर और उसके चाचा बलराम आंतिल के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने केस को BNS और एससी/एसटी अधिनियम की धाराओं में दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
सरपंच बहादुर सिंह ने आरोप लगाया कि जोगिंद्र और बलराम गांव में चल रहे विकास कार्यों में बाधा डाल रहे थे। दोनों पंचायत से बिना अनुमति के काम पास करवाने और फंड्स को अपने खातों में ट्रांसफर कराने का दबाव बना रहे थे।
21 सितंबर को दोपहर करीब 12 से 1 बजे के बीच जब सरपंच महिला सांस्कृतिक केंद्र की सफाई और मरम्मत का काम करवा रहे थे, तब जोगिंद्र और बलराम ने उन्हें वहां बुलाकर गालियां दीं और थप्पड़ मारे। सरपंच का कहना है कि आरोपियों ने जातिसूचक टिप्पणियां करते हुए धमकी दी कि वे गांव के "चौधरी" हैं और उन्हें सरपंच नहीं रहने देंगे।
शिकायत में सरपंच ने यह भी बताया कि बलराम आंतिल खुद को जेई (J.E.) बताकर एमबी भरने की धमकी देता था, जबकि उसके पास कोई सरकारी पद नहीं है।
सरपंच ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने एमबी पर साइन करने से इनकार कर दिया तो आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। बलराम ने धमकी दी कि वह शेखर से गोली मरवा देगा। वहीं, शेखर ने कहा कि वह भाजपा का मंडल अध्यक्ष है और यदि शिकायत की गई तो वह सरपंच और उनके परिवार को घर से उठा लेगा।
बहादुर सिंह ने बताया कि शेखर पहले भी गांव में फायरिंग कर चुका है, जिसके डर से वे कई दिनों तक घर से बाहर नहीं निकले। सरपंच ने यह भी दावा किया कि शेखर अपनी पत्नी का लाइसेंसी हथियार लेकर चलता है।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 351(2), 3(5) और SC/ST Act 2015 की धारा 3(2) V(a) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच ACP मुरथल को सौंपी गई है।
Akhil Mahajan