पांचवी की छात्रा से क्लास में लगवाया पोंचा, कहां अगली बार नंगा.. हरियाणा में शिक्षक की शर्मसार कर देने वाली हरकत

हरियाणा के सोनीपत में निजी स्कूल में होमवर्क न करने पर छात्रा से क्लासरूम में पोछा लगवाने और सार्वजनिक रूप से बेइज्जत करने का मामला। बच्ची मानसिक रूप से परेशान, डॉक्टर ने स्कूल बदलने की सलाह दी।

पांचवी की छात्रा से क्लास में लगवाया पोंचा,  कहां अगली बार नंगा.. हरियाणा में शिक्षक की शर्मसार कर देने वाली हरकत

➤ सोनीपत के निजी स्कूल में होमवर्क न करने पर 11 वर्षीय छात्रा से क्लासरूम में पोछा लगवाया गया
➤ प्राचार्या ने छात्रा को शेम-शेम बुलवाकर सार्वजनिक रूप से बेइज्जत किया
➤ बच्ची मानसिक रूप से गहरे सदमे में, डॉक्टर ने स्कूल बदलने की सलाह दी

हरियाणा के सोनीपत जिले में एक निजी स्कूल में होमवर्क न करने पर 11 वर्षीय छात्रा को अमानवीय सजा दी गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, रिंढाणा गांव के स्कूल की प्राचार्या एकता सांगवान ने पांचवीं कक्षा की छात्रा को क्लासरूम में पोछा लगवाया। आरोप है कि प्राचार्या ने यह सजा अन्य छात्र-छात्राओं के सामने दी और उन्हें "शेम-शेम" बुलवाकर बच्ची की सार्वजनिक तौर पर बेइज्जती भी की।

मां का कहना है कि उनकी बेटी बुखार के कारण होमवर्क नहीं कर पाई थी, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने बिना कोई सहानुभूति दिखाए कठोर कदम उठाया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि प्राचार्या ने धमकी दी कि भविष्य में होमवर्क न करने पर उसे और भी कड़ी सजा दी जाएगी, जैसे कि उसे नंगा करके स्कूल में घुमाया जाएगा और बाल काटकर गंजा कर दिया जाएगा।

इस अमानवीय व्यवहार के चलते छात्रा मानसिक रूप से गहरे सदमे में चली गई है। डॉक्टर ने भी उसकी मानसिक स्थिति को गंभीर बताया है और स्कूल बदलने की सलाह दी है। परिवार ने बताया कि बच्ची स्कूल जाने से डरती है और रोने लगती है।

प्राचार्या और स्कूल प्रबंधन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए बताया कि बच्ची की मौसी भी उसी स्कूल में टीचर हैं। स्कूल के डायरेक्टर नवजीत ने स्पष्ट किया कि प्राचार्य और टीचर के बीच किसी निजी कहासुनी की वजह से यह आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बच्ची से पोछा लगवाने का आरोप पूरी तरह से निराधार है।

इस मामले पर थाने में दोनों पक्षों को बुलाकर सुनवाई की गई। बरोदा थाना प्रभारी धर्मबीर ने बताया कि शिकायत पहले थाने में दी गई थी, फिर डीसी सुशील सारवान को दी गई। उसके बाद शिकायत सीटीएम को भेजी गई। सोमवार को दोनों पक्षों की बैठक कर आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।

अभिभावक का कहना है कि यह सजा केवल स्कूल प्रशासन का अत्याचार है और उनकी बेटी मानसिक एवं शारीरिक रूप से गंभीर परेशानियों में है। उन्होंने न्याय की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।