सोनीपत, करनाल, पानीपत और समालखा कालेजों के होनहारों ने दिखाया दम

पानीपत के एसडी पीजी कॉलेज में वाणिज्य एवं प्रबंधन विषय पर राज्य स्तरीय इंटर कॉलेज क्विज प्रतियोगिता का सफल आयोजन हुआ। 25 कॉलेजों की 75 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।

सोनीपत, करनाल, पानीपत और समालखा कालेजों के होनहारों ने दिखाया दम
  • एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में वाणिज्य एवं प्रबंधन विषय पर राज्य स्तरीय इंटर कॉलेज मेगा क्विज प्रतियोगिता का सफल आयोजन
  • करनाल, समालखा, पानीपत, सोनीपत से 25 कॉलेजों की टीमों ने लिया हिस्सा 
  • युवाओं के ज्ञान-वृद्धि. आत्मविश्वास-संचार और व्यक्तित्व विकास में क्विज प्रतियोगिताए बहुत उपयोगी है: दिनेश गोयल, एसडी कॉलेज प्रधान  

एसडी पीजी कॉलेज पानीपत में वाणिज्य एसोसिएशन के बैनर तले वाणिज्य एवं प्रबंधन विषय पर राज्य स्तरीय इंटर कॉलेज मेगा क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमे करनाल, समालखा, पानीपत, सोनीपत आदि के कॉलेजों से बीकॉम, बीबीए और बीकॉम (व्यवसायिक) के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और कुल 25 टीमों के 75 प्रतिभागियों ने अपना पंजीकरण करवाया। जिनमें जीवीएम गर्ल्स कॉलेज सोनीपत, हिन्दू कॉलेज सोनीपत, गेटवे इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी सोनीपत, वैश गर्ल्स कॉलेज समालखा, चौधरी देवी लाल मेमोरियल गर्ल्स कॉलेज सिवाह, एसएनएसएमके राजकीय महाविधालय बापौली, राजकीय महाविधालय पानीपत, आर्य कॉलेज पानीपत, आईबी कॉलेज पानीपत, एसडी कॉलेज पानीपत, दयाल सिंह कॉलेज करनाल, खालसा कॉलेज करनाल, डीएवी कॉलेज फॉर वीमेन करनाल आदि ने हिस्सा लिया।
क्विवज प्रतियोगिता में  एपीट एसडी इंडिया, फरीदपुर रोड, पानीपत प्रथम रहे।  इस टीम में  दिवान्शु, काजल, कर्ण मौजूद रहे। 
द्वितीय स्‍थान पर  गुरु नानक खालसा कॉलेज, करनाल रहा। इसमें अवनीत, प्रिंसी, मानवी शामिल रहे। तृतीय टीम दयाल सिंह कॉलेज, करनाल रहे। इनमें ख़ुशी, श्रुति, यश शामिल रहे। 
प्रत्येक टीम में तीन सदस्य रहे और टीमें अधिक होने के कारण प्रथम चरण में बहुविकल्पी प्रश्नों पर आधारित लिखित परीक्षा आयोजित की गयी जिसमें सफल 12 टीमों के चयन के पश्चात लकी ड्रा के आधार पर 6 टीमों को अंतिम राउंड के लिए चुना गया । प्रतियोगिता का विधिवत उदघाटन प्राचार्य डॉ अनुपम अरोड़ा ने दीप प्रज्वलन के साथ किया । क्विज प्रतियोगिता क्विज को-ऑर्डिनेटर और मंच संचालक डॉ दीपा वर्मा की देख-रेख में संपन्न हुई। 
क्विज मास्टर की भूमिका डॉ दीपा वर्मा और प्रो आशीष गर्ग ने निभाई । प्रतियोगिता में वाणिज्य विषय से सम्बंधित प्रश्नों के अलावा सम-सामयिकी, सामान्य ज्ञान, अर्थशास्त्र, लेखांकन और कराधान, व्यापार और उद्योग, बैंकिंग और वित्त, मार्केटिंग, फुल-फॉर्मस, विजुअल राउंड इत्यादि विषयों पर प्रश्न पूछे गए । ‘फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट’, ‘लोगो पहचानों’ और ‘टफ और फन राउंड’ ने प्रतियोगिता को और अधिक रोचक बना दिया । प्रतियोगिता में डॉ दीपा वर्मा, डॉ दीपिका अरोड़ा, डॉ पवन कुमार, प्रो मनोज कुमार, प्रो आशीष, प्रो पूजा धींगडा, प्रो शिल्पा ठाकुर, प्रो पूजा गर्ग, प्रो परी और प्रो भावना ने सक्रीय रूप से भाग लिया ।
विजेताओं को नकद पुरस्कार के रूप में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल करने पर क्रमशः 1200, 900 और 750 रुपये की धनराशी, सर्टिफिकेट्स और मुमेंटो से सम्मानित किया गया । तरल संपत्ति क्या है, ऑडिटिंग का उद्देश्य क्या है, मूल्य वर्धित कर क्या है, पूंजीगत संपत्ति क्या है, सब्सिडी क्या है, संतुलन मूल्य किसे कहते है, वायदा बाज़ार क्या होता है, बंधक क्या है, वैज्ञानिक प्रबंधन के जनक कौन है, कंपनी सचिव की नियुक्ति कौन करता है, जीवन बीमा का राष्ट्रीयकरण कब हुआ, कमान की एकता का क्या तात्पर्य है, ‘येन’ कहाँ की मुद्रा है, प्राप्ति एवं भुगतान खाता किसके द्वारा तैयार किया जाता है, बैलेंस शीट में हम किसे दर्शाते है, नए लाभ बंटवारे के अनुपात की गणना किस समय पर की जाती है, व्यापारिक सदभावना का क्या अर्थ है आदि जैसे प्रश्नों ने क्विज प्रतियोगिता को रोचक और ज्ञानवर्धक बना दिया ।
दिनेश गोयल प्रधान ने कहा कि क्विज प्रतियोगिता के माध्यम से युवाओं के ज्ञान में वृद्धि होती है और उनमे आत्मविश्वास के भाव का संचार होता है । वाणिज्य और प्रबंधन विषय पर तैयार की गई इस बहुआयामी क्विज का उद्देश्य सार्थक एवं प्रासंगिक ज्ञान एवं जानकारी को प्रश्नों के रूप में छात्र-छात्राओं तक पहुंचाना था ताकि प्रतियोगी छात्र इनके अभ्यास द्वारा परीक्षाओं में पूछे जाने वाले प्रश्नों के स्वरुप से परिचित हो सकें और उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं में इनका लाभ मिल सके । क्विज में भाग लेने से हमारी खुद की समझ भी व्यापक बनती है । उन्होनें कहा कि क्विज़ एक प्रकार की दिमागी कसरत है जिसमें प्रतिभागी सवालों के सही उत्तर देने का प्रयास करते हुए अपने बौद्धिक विकास को सक्रीय करता है । 
डॉ अनुपम अरोड़ा ने कहा कि क्विज़ एक प्रकार का संक्षिप्त मूल्यांकन हैं जिसका प्रयोग शिक्षा या इसी प्रकार के अन्य क्षेत्रों में ज्ञान, योग्यता और कौशल में वृद्धि को मापने के लिए किया जाता है । उन्होनें कहा कि प्रश्नोत्तरी संवाद का एक बेहतरीन मंच है जहां विद्यार्थी पुरस्कार पाने या रात भर में प्रसिद्धि पाने के लिए भाग नहीं लेता है बल्कि ज्ञान हासिल करने, अकादमिक उत्कृष्टता और अपना भविष्य सुरक्षित करने के मौके तलाशने के लिए भी भाग लेता है ।
डॉ दीपा वर्मा क्विज को-ऑर्डिनेटर ने कहा कि क्विज प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने पूरे जोश और जूनून के साथ हिस्सा लिया । ‘फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट’ ने क्विज को जहाँ रोचक बनाया वहीँ इसकी मदद से निर्णय करना भी सुविधाजनक हो पाया क्यूंकि बहुत से प्रतिभागियों के सही उत्तरों की संख्या एक समान थी । क्विज़ एक प्रकार का संक्षिप्त मूल्यांकन हैं जिसका प्रयोग शिक्षा या इसी प्रकार के अन्य क्षेत्रों में ज्ञान, योग्यता और कौशल में वृद्धि को मापने के लिए किया जाता है । क्विज़ छात्रों के मूल्यांकन के लिए भी एक सटीक माध्यम है । इसमें रोचक एवं कम कठिनाई वाले सवाल होते हैं और एक परीक्षा की तुलना में इसे पूरा करने के लिए समय की कम आवश्यकता पड़ती है और मूल्यांकन भी सटीक होता है ।